यूपी के गोरखपुर में गुरुवार को एक दिलदहलाने वाली खबर सामने आयी है। दहेज लोभियों ने मांग पूरी न होने पर एक विवाहिता के साथ दरिंदगी की सारी हदे पार कर दी। कोर्ट के आदेश पर चारों आरोपियों पर केस दर्ज किया गया है।

गोरखपुर में दहेज लोभियों का घिनौना कृत्य
Gorakhpur: जनपद के सहजनवां थाना क्षेत्र से गुरुवार को दहेज उत्पीड़न का एक गंभीर मामला सामने आया है। दहेज के भूखे भेड़ियों ने दहेज की मांग पूरी न होने पर एक विवाहिता को न सिर्फ शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, बल्कि उसे मारपीट कर घर से भी निकाल दिया।
जानकारी के अनुसार पीड़िता को थाने से न्याय न मिलने पर अंततः न्यायालय की शरण लेनी पड़ी, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
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थाना क्षेत्र के माडर गांव निवासी प्रियंका पत्नी पिंटू निषाद की शादी 10 जून 2016 को हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। पीड़िता का आरोप है कि शादी के बाद विदाई के पश्चात जैसे ही वह ससुराल पहुंची, वैसे ही ससुराल पक्ष के लोग दहेज में एक लाख रुपये नकद, बाइक, टीवी, फ्रिज और कूलर की मांग को लेकर ताने देने लगे। मांग पूरी न होने पर ससुराल के लोगों द्वारा उसके साथ मारपीट शुरू कर दी गई।
प्रियंका ने बताया कि दो-तीन महीने तक ससुराल में रहकर उसने अत्याचार सहा, इसके बाद वह मायके आ गई। कुछ समय बाद पति पिंटू निषाद उसे विदा कराकर दिल्ली ले गया, जहां शराब के नशे में वह लगातार दहेज के लिए मारपीट करता रहा। इसी दौरान पति का पैर टूट गया, जिसका इलाज पीड़िता ने कर्ज लेकर कराया, इसके बावजूद उत्पीड़न कम होने के बजाय और बढ़ गया।
पीड़िता का आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे बदनाम करने की नीयत से इंस्टाग्राम पर अश्लील वीडियो शेयर कर उसकी सामाजिक छवि खराब करने का प्रयास भी किया। लगातार हो रहे उत्पीड़न और धमकियों से परेशान होकर प्रियंका ने स्थानीय थाने में शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
न्यायालय के आदेश पर सहजनवां पुलिस ने आरोपी पिंटू निषाद, जगदीश, आदित्य और संदीप के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट, जान से मारने की धमकी और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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यह मामला एक बार फिर समाज में दहेज जैसी कुप्रथा और महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों की गंभीर तस्वीर पेश करता है।