Gorakhpur: डीएम के औचक निरीक्षण से भौचक अफसर, जिम्मदारों को दी हिदायत

जनपद की विकास योजनाओं और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी संस्थाओं की हकीकत परखने के लिए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने जिले का दौरा कर स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होेने कार्यों की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया और काम में लापरवाही बरत रहे अफसरों को हिदायत दी।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 5 January 2026, 2:56 AM IST

Gorakhpur: जनपद की विकास योजनाओं और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी संस्थाओं की हकीकत परखने के लिए जिलाधिकारी दीपक मीणा पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने कोनी स्थित निर्माणाधीन महिला पीएसी बटालियन के आवासीय भवनों तथा पुलिस ट्रेनिंग स्कूल के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, डिजाइन और प्रगति का बारीकी से जायजा लिया और स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं। वॉटर लॉगिंग की समस्या पर विशेष चिंता जताते हुए उन्होंने ड्रेनेज व्यवस्था दुरुस्त करने और मैनपावर बढ़ाकर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

कार्यदायी संस्था को लगाई फटकार

इसके बाद जिलाधिकारी तालनदोर पहुंचे, जहां उन्होंने निर्माणाधीन वेटरनरी कॉलेज की प्रगति की समीक्षा की। कार्यदायी संस्था को फटकार लगाते हुए डीएम ने कहा कि यह परियोजना शिक्षा और रोजगार से जुड़ी है, इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसी क्रम में तालनदोर में बन रहे अत्याधुनिक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भी निरीक्षण किया गया। मिट्टी भराई की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने संबंधित विभागों से आपसी समन्वय बनाकर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

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निरीक्षण का सिलसिला यहीं नहीं रुका। जिलाधिकारी ने कान्हा गौशाला एवं बृहद गौ संरक्षण केंद्र का जायजा लेते हुए शीघ्र संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निर्माणाधीन एकीकृत आयुष चिकित्सालय में कार्यों की सुस्त रफ्तार देख डीएम का रुख सख्त हो गया। उन्होंने दो टूक कहा कि समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं हुआ तो संबंधितों पर कार्रवाई तय है।

इसके पश्चात डीएम ने स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित बालिका इंटर कॉलेज का निरीक्षण कर छात्रावास, भोजन, पेयजल, स्वच्छता और चिकित्सा सुविधाओं की स्थिति देखी। छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और तत्काल समाधान के निर्देश दिए।

मूक-बधिर बालकों की व्यावसायिक शिक्षा पर जोर

मूक-बधिर बालकों के राजकीय विद्यालय में सांकेतिक भाषा आधारित शिक्षा, आवासीय सुविधा और सहायक उपकरणों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कौशल व व्यावसायिक शिक्षा को और मजबूत करने पर जोर दिया।

मानसिक मंदित आश्रय गृह सह प्रशिक्षण केंद्र में अव्यवस्था और गंदगी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने अधीक्षक को कड़ी फटकार लगाई। वहीं उच्च शिक्षा दृष्टिबाधित छात्रों के छात्रावास और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई और व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।

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निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि वंचित और विशेष आवश्यकता वाले वर्गों से जुड़ी संस्थाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विकास कार्यों और जनकल्याण से जुड़े संस्थानों में गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता है।

Location : 
  • Gorakhpur

Published : 
  • 5 January 2026, 2:56 AM IST