Gorakhpur: आंखों पर पट्टी बांधकर सड़क पर उतरे लोग, वजह है बेहद खास

गोरखपुर की सड़कों पर सोमवार को एक अनोखा नजारा देखने को मिला। आंखों पर काली पट्टी बांधे लोगों ने कदम बढ़ाए तो मकसद था उन लोगों का दर्द समझना, जो रोशनी के बिना जिंदगी जी रहे हैं। नेत्रदान के संदेश के साथ निकली इस खास पदयात्रा ने लोगों को भावुक करने के साथ जागरूकता का बड़ा संदेश दिया।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 8 September 2026, 6:36 AM IST

Gorakhpur: नेत्रदान के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने और दृष्टिहीनता की वास्तविक कठिनाइयों का एहसास कराने के उद्देश्य से सोमवार को शहर में अनूठी ‘नेत्रदान जागरूकता एवं अंधत्व-बोध पदयात्रा’ निकाली गई।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) गोरखपुर, नेत्र रोग विभाग AIIMS गोरखपुर एवं गोरखपुर ऑफ्थाल्मिक एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस पदयात्रा में चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, चिकित्सा संस्थानों के कर्मचारियों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

पदयात्रा का सबसे खास पहलू रहा प्रतिभागियों का आंखों पर काली पट्टी बांधकर पैदल चलना। प्रतिभागी नौकायन स्थल से चंपा देवी पार्क तक काली पट्टी बांधकर पहुंचे और वहां से वापस नौकायन स्थल लौटे। इस दौरान कुछ समय के लिए दृष्टि बाधित होने का अनुभव कर प्रतिभागियों ने यह समझने का प्रयास किया कि बिना देखे सामान्य रास्ते पर चलना, दिशा पहचानना और दैनिक गतिविधियां करना कितना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

दृष्टिहीन व्यक्तियों की चुनौतियों का अनुभव कराना

कार्यक्रम के दौरान IMA गोरखपुर के सचिव एवं वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. वाई. सिंह ने कहा कि पदयात्रा का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि समाज को दृष्टिहीन व्यक्तियों की चुनौतियों का अनुभव कराना भी है।

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जरूरतमंद के जीवन में रोशनी

उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद नेत्रदान का संकल्प लेकर कोई भी व्यक्ति किसी जरूरतमंद के जीवन में रोशनी ला सकता है। एक व्यक्ति का नेत्रदान दो जरूरतमंद लोगों को दृष्टि प्रदान करने में सहायक हो सकता है।

कार्यक्रम की संयोजक डॉ. अलका त्रिपाठी एवं डॉ. सतीश जायसवाल ने सभी प्रतिभागियों और सहयोगियों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि नेत्रदान को लेकर समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी जरूरी है। सामूहिक प्रयासों से ही नेत्रदान के संकल्प को जनआंदोलन का रूप दिया जा सकता है।

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पदयात्रा में डॉ. राजीव पांडे, डॉ. नेहा सिंह, डॉ. नरेंद्र देव, डॉ. दिनेश चंद्र, डॉ. शैलेश मौर्य, डॉ. अमरेश सिंह, डॉ. अनिल श्रीवास्तव, डॉ. शशांक कुमार, डॉ. रिचा अग्रवाल, डॉ. महेंद्र अग्रवाल, डॉ. डीके सिंह, डॉ. एके सिंह, डॉ. महेंद्र बुदलकोठी, डॉ. महेंद्र गुप्ता, डॉ. आरपी सिंह समेत AIIMS गोरखपुर के रेजिडेंट चिकित्सक, संगम सुपर स्पेशलिटी आई हॉस्पिटल के पैरामेडिकल एवं अन्य स्टाफ तथा बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।

नेत्रदान की अपील

आयोजकों ने आमजन से मृत्यु के बाद नेत्रदान का संकल्प लेने और दृष्टिहीन लोगों के जीवन में रोशनी लाने के इस अभियान से जुड़ने की अपील की।

Location :  Gorakhpur

Published :  8 September 2026, 6:31 AM IST