महराजगंज जिले में बसपा ने संगठनात्मक मजबूती के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया। राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने घनश्याम दास को गोरखपुर मंडल की जिम्मेदारी पुन सौंपी। घनश्याम दास पार्टी के समर्पित और अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं।

घनश्याम दास
Mahrajganj: बहन मायावती के नेतृत्व वाली बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने संगठनात्मक मजबूती की दिशा में एक फैसला लिया है। पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पुराने और कद्दावर नेता घनश्याम दास को एक बार फिर गोरखपुर मंडल की जिम्मेदारी सौंपी है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी संगठन को मजबूत करने और मंडल स्तर पर सक्रियता बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है।
घनश्याम दास पार्टी के समर्पित और अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। लंबे समय तक संगठन से जुड़े रहने और अलग-अलग जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करने के कारण पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया है। इससे पूर्व भी वे मंडल स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। कई विधानसभा और लोकसभा चुनावों में उन्हें स्टार प्रचारक बनाया गया। उनकी प्रभावशाली वक्तृत्व शैली और मजबूत तर्कशक्ति उन्हें महराजगंज जिले में बसपा के प्रमुख वक्ताओं में शुमार करती है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि गोरखपुर मंडल राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। घनश्याम दास की नियुक्ति से पार्टी के बूथ स्तर तक संगठन को सशक्त बनाने की दिशा में काम होगा। जनसभाओं और क्षेत्रीय बैठकों में उनका भाषण कार्यकर्ताओं में जोश भरने और संगठन को नई दिशा देने के लिए जाना जाता है।
जिले के बसपा कार्यकर्ताओं ने घनश्याम दास की पुनर्नियुक्ति पर खुशी जाहिर की है। उनका कहना है कि उनके नेतृत्व में मंडल में पार्टी को नई मजबूती मिलेगी। संगठन के अलग-अलग स्तरों पर सक्रियता बढ़ेगी और बूथ स्तर तक पार्टी के कदम मजबूत होंगे।