
कुशीनगर में विकास पर बड़ा मंथन (Image Source: Dynamite News)
Kushinagar: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में विकास योजनाओं की प्रगति और जनहित से जुड़े मुद्दों पर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति 'दिशा' की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सांसद विजय कुमार दुबे ने की, जबकि सह-अध्यक्ष के रूप में शशांक मणि त्रिपाठी मौजूद रहे। इस दौरान जिले में चल रही केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की समीक्षा की गई और अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने जिले की मूलभूत समस्याओं और विकास कार्यों पर विस्तार से चर्चा की। सांसद ने कहा कि 'दिशा' समिति केवल समीक्षा मंच नहीं बल्कि जन समस्याओं के समाधान का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि योजनाओं का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचे और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
बैठक में बढ़ती गर्मी के बीच बिजली व्यवस्था को लेकर विशेष चिंता जताई गई। सांसद विजय कुमार दुबे ने विद्युत विभाग को निर्देश दिए कि जिले में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जर्जर तारों और पुराने पोलों को बदलने, ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने और समय पर मरम्मत कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
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साथ ही बिजली केंद्रों पर 24 घंटे कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और संपर्क नंबर सार्वजनिक करने की बात कही गई। विभाग में कर्मचारियों की कमी को लेकर शासन को प्रस्ताव भेजने का भी निर्देश दिया गया।
जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान अधूरी परियोजनाओं को जल्द पूरा करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि हर गांव तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए। गर्मी के मौसम में जल संकट को देखते हुए योजनाओं को तेजी से पूरा करने की आवश्यकता बताई गई।
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने पर भी चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य केंद्रों में एक्स-रे मशीन, दवाओं की उपलब्धता और 24 घंटे डॉक्टरों की तैनाती की मांग उठाई। प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को रात्रि में मुख्यालय पर मौजूद रहने के निर्देश दिए गए।
सह-अध्यक्ष शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा कि अगले 12 महीनों के लिए स्पष्ट विकास रणनीति तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि धन की कमी नहीं है, इसलिए प्राथमिकताओं को तय कर तेजी से काम किया जाए। जल, बिजली और स्वास्थ्य को सबसे अहम क्षेत्र बताते हुए अधिकारियों को गंभीरता से कार्य करने की सलाह दी गई।
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जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि जिले में तकनीक आधारित विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि “जनता दर्शन” को डिजिटल रूप दिया गया है और एक ऐप लॉन्च किया गया है, जिससे शिकायतों का समाधान 5 से 7 दिनों के भीतर किया जाएगा। इसके अलावा ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल वालंटियर तैयार किए जाने की योजना पर भी काम चल रहा है।
बैठक में हाल ही में आयोजित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन की सफलता पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों का मानना है कि इससे कुशीनगर को वैश्विक पहचान मिली है और पर्यटन क्षेत्र में नई संभावनाएं खुली हैं। प्रशासन ने उम्मीद जताई कि 'दिशा' समिति की सक्रियता से जिले में विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता में सुधार होगा।
Location : Kushinagar
Published : 24 April 2026, 11:42 PM IST
Topics : DISHA Committee Meeting District Development Meeting Kushinagar Collectorate Kushinagar Development Kushinagar news