गोरखपुर में बड़ा गोरखधंधा, मृतक के नाम पर 20 साल बाद हुई रजिस्ट्री

गोरखपुर में बुधवार को जमीन से जुड़ा गोरखधंधा सामने आया। मृतक के नाम पर 20 साल बाद हुई रजिस्ट्री ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले के बाद रजिस्ट्री प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 13 May 2026, 3:48 PM IST

Gorakhpur: जनपद में जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है, जिसने रजिस्ट्री प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि वर्ष 1996 में मृत हो चुके बृज गोपाल दास शाह के नाम पर वर्ष 2016 में करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन की रजिस्ट्री करा दी गई। मामले में सविता त्रिपाठी का नाम सामने आने के बाद पीड़ित परिवार ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

मामला कैंपियरगंज क्षेत्र के अलगटपुर स्थित लगभग चार एकड़ मूल्यवान जमीन से जुड़ा है। परिजनों का आरोप है कि जमीन के वास्तविक मालिक उस समय बाहर नौकरी कर रहे थे, जिसका फायदा उठाकर कथित रूप से फर्जी व्यक्ति खड़ा कर रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी कराई गई।

परिवार का कहना है कि बृज गोपाल दास शाह की मृत्यु वर्ष 1996 में हो चुकी थी और इसका रिकॉर्ड सरकारी अभिलेखों में दर्ज है। इसके बावजूद 2016 में उन्हीं के नाम से रजिस्ट्री होना बड़े फर्जीवाड़े की ओर इशारा करता है।

पीड़ित पक्ष के अनुसार, नाम की समानता और पहचान संबंधी दस्तावेजों में कथित हेरफेर कर पूरी साजिश को अंजाम दिया गया। परिवार ने दावा किया कि पूर्व में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्तर से हुई जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि “बृज गोपाल दास” और “बृज गोपाल दास शाह” एक ही व्यक्ति थे तथा उनकी मृत्यु 1996 में ही हो गई थी।

न सत्ता की लालसा, न विरासत की जंग; जानिए Akhilesh Yadav और Prateek Yadav के भाईचारे की अनसुनी कहानी

मृतक के परिजन जिलाधिकारी से मिले

न्याय की मांग को लेकर मृतक के परिजन जिलाधिकारी दीपक मीणा से मिले और फर्जी रजिस्ट्री निरस्त करने की मांग की। इसके बाद गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में विजय कृष्ण गर्ग, प्रियमबदा गर्ग, महेंद्र अग्रवाल और सुरेंद्र अग्रवाल सहित अन्य परिजन मौजूद रहे।

UPSSSC: यूपी में कृषि स्नातक के छात्रों के लिए बंपर नौकरी, ऐसे मिलेगी नौकरी

परिजनों ने की ये मांग

इस दौरान परिजन भावुक हो उठे और कहा कि अगर हमारे मृत बाबा जिंदा हैं, तो उन्हें सामने लाकर खड़ा कर दीजिए। परिवार ने तिलक नगर निवासी राजेश यादव को पूरे कथित फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

Location :  Gorakhpur

Published :  13 May 2026, 3:37 PM IST