Fatehpur: डबल इंजन सरकार में ‘सिस्टम’ से हारे बीजेपी नेता, अपनी ही सरकार में धरने पर बैठे मंडल अध्यक्ष

फतेहपुर के असोथर में बिजली संकट को लेकर भाजपा मंडल अध्यक्ष राममहेश निषाद ग्रामीणों के साथ विद्युत उपकेंद्र पर धरने पर बैठे। ग्रामीणों ने टूटे बिजली पोल, जर्जर लाइन और दो महीने से बाधित बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 14 July 2026, 5:58 PM IST

Fatehpur: फतेहपुर प्रदेश की योगी सरकार जहां गांव-गांव तक निर्बाध बिजली आपूर्ति और त्वरित शिकायत निस्तारण के दावे कर रही है, वहीं फतेहपुर जिले के असोथर क्षेत्र से सामने आई तस्वीर ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

भाजपा के मंडल अध्यक्ष राममहेश निषाद को सोमवार दोपहर सैकड़ों ग्रामीणों और महिलाओं के साथ असोथर विद्युत उपकेंद्र परिसर में जमीन पर बैठकर धरना-प्रदर्शन करना पड़ा।

दो महीने से बिजली संकट का सामना 

बता दे कि असोथर विकासखंड में ग्राम पंचायत सरकंडी के कई मजरों में करीब दो महीने पहले आए तेज आंधी-तूफान में कई बिजली पोल टूट गए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के बाद से अब तक बिजली विभाग स्थायी मरम्मत नहीं करा सका। सबसे अधिक प्रभावित मजरों में मैकुवापुर भी शामिल है, जो भाजपा मंडल अध्यक्ष राममहेश निषाद का गांव है।

ग्रामीणों का कहना है कि बिजली आपूर्ति बाधित होने से पूरे इलाके में सामान्य जनजीवन प्रभावित है। इतना ही नहीं, करीब 11 निजी नलकूप पिछले दो महीनों से बंद पड़े हैं, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के बीच खेतों में समय पर सिंचाई न होने से फसल प्रभावित होने की आशंका भी बढ़ गई है।

वायरल पत्र के बाद बढ़ा मामला

इस पूरे मामले ने रविवार देर शाम उस समय और तूल पकड़ लिया, जब भाजपा मंडल अध्यक्ष राममहेश निषाद द्वारा भाजपा जिलाध्यक्ष अन्नू श्रीवास्तव को लिखा गया पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पत्र में गांव की बिजली समस्या, टूटे पोल, जर्जर लाइन और लगातार बाधित बिजली आपूर्ति का उल्लेख किया गया था। पत्र वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर व्यापक चर्चा हुई। विभिन्न पत्रकारों जैसे रवीश कुमार और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने भी इस विषय पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं।

उपकेंद्र पर धरने पर बैठे ग्रामीण

सोमवार को समस्या के समाधान की मांग को लेकर ग्रामीण बड़ी संख्या में असोथर विद्युत उपकेंद्र पहुंच गए और मंडल अध्यक्ष के नेतृत्व में धरने पर बैठ गए। सूचना मिलने पर एसडीओ सुदामा प्रसाद और जेई कमल विश्वकर्मा मौके पर पहुंचे।

अधिकारियों ने ग्रामीणों से वार्ता कर उनकी समस्याएं सुनीं और जल्द समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ।

धरना-प्रदर्शन में मंडल अध्यक्ष राममहेश निषाद, मूलचंद्र निषाद, सभासद लाखन निषाद, शिवम अवस्थी, आशुतोष विश्वकर्मा, शनि मिश्रा, शिवप्रताप सिंह, पंकज कश्यप सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं मौजूद रहीं।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

यह घटनाक्रम कई सवाल छोड़ गया है। जब सत्ता पक्ष का मंडल अध्यक्ष ही अपनी सरकार में जनता की मूलभूत सुविधा के लिए पहले जिला अध्यक्ष को पत्र लिखने और फिर बिजली उपकेंद्र पर धरने पर बैठने को मजबूर हो जाए, तो आम नागरिक की शिकायतों की सुनवाई किस स्तर पर होती होगी? क्या स्थानीय बिजली व्यवस्था केवल सरकारी दावों तक सीमित है, या जमीनी स्तर पर हालात अब भी बदहाल हैं?

बड़ा सवाल

फिलहाल ग्रामीणों की मांग है कि टूटे हुए बिजली पोल तत्काल बदले जाएं, जर्जर लाइनें दुरुस्त की जाएं। प्रभावित मजरों में नियमित बिजली आपूर्ति बहाल की जाए और दो महीने से बंद पड़े 11 निजी नलकूपों को शीघ्र विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसानों को हो रहे नुकसान से राहत मिल सके।

अब सबकी निगाहें बिजली विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर हैं कि वायरल पत्र और धरना-प्रदर्शन के बाद कार्रवाई कितनी तेजी से होती है, या फिर ग्रामीणों को आश्वासनों के सहारे ही इंतजार करना पड़ेगा।

Location :  Fatehpur

Published :  14 July 2026, 5:58 PM IST