12 हजार में दम नहीं, 18 हजार से कम नहीं! फतेहपुर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का फूटा गुस्सा, सौंपा ज्ञापन

फतेहपुर में लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर प्रशासन का रुख किया है। मानदेय से लेकर कामकाज में आने वाली तकनीकी परेशानियों तक कई मुद्दे सामने रखे गए। जिला मुख्यालय पर जुटीं कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।

Post Published By: Komal Chauhan
Updated : 18 September 2026, 7:41 PM IST

Fatehpur: उत्तर प्रदेश के जनपद फतेहपुर में मानदेय बढ़ाने और अन्य मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। जिला अध्यक्ष रेहाना परवीन के नेतृत्व में दिए गए इस ज्ञापन में कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का न्यूनतम मानदेय बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह करने की प्रमुख मांग उठाई गई है।

18 हजार रुपये मानदेय की मांग

महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ, संबद्ध हिंद मजदूर सभा की जिला इकाई ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। जिला अध्यक्ष रेहाना परवीन के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।

संघ पदाधिकारियों ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को मिलने वाला वर्तमान मानदेय उनके काम और जिम्मेदारियों के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं के लिए न्यूनतम 18 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय निर्धारित करने की मांग की।

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हालिया बढ़ोतरी को बताया अपर्याप्त

संघ की ओर से कहा गया कि शासन की ओर से हाल में मानदेय में वृद्धि की गई है, लेकिन कार्यकर्ताओं के अनुसार वास्तविक रूप से इसमें करीब 1500 रुपये और सहायिकाओं के मानदेय में करीब 750 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। बाकी राशि को पीएलआई यानी प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन के रूप में दिए जाने की बात कही गई है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि केवल इस तरह की बढ़ोतरी से उनकी आर्थिक समस्याओं का समाधान नहीं होगा। संघ ने संविदा परिषद के मानकों का हवाला देते हुए न्यूनतम 18 हजार रुपये मानदेय तय किए जाने की मांग की है।

पोषण ट्रैकर में GPS से परेशानी

ज्ञापन में सिर्फ मानदेय का मुद्दा ही नहीं उठाया गया, बल्कि पोषण ट्रैकर एप को लेकर भी अपनी समस्या अधिकारियों के सामने रखी गई। कार्यकर्ताओं ने एप को GPS के माध्यम से संचालित किए जाने पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि GPS व्यवस्था के कारण पोषण ट्रैकर चलाने में कई तरह की तकनीकी और व्यावहारिक परेशानियां सामने आती हैं।

कई बार लोकेशन और नेटवर्क से जुड़ी दिक्कतों के कारण काम प्रभावित होता है। संघ ने मांग की कि पोषण ट्रैकर एप को पहले की तरह बिना GPS की बाध्यता के संचालित करने की अनुमति दी जाए, ताकि कार्यकर्ता अपने विभागीय काम को आसानी से पूरा कर सकें।

अन्य समस्याओं के समाधान की मांग

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनके जिम्मे बच्चों और महिलाओं से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होती हैं। ऐसे में काम के साथ तकनीकी परेशानियां बढ़ने से उन्हें अतिरिक्त दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। संघ ने मानदेय में सम्मानजनक बढ़ोतरी के साथ कामकाज से जुड़ी समस्याओं के समाधान की भी मांग की। कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनकी मांगों पर शासन स्तर से गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

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बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहीं मौजूद

ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला उपाध्यक्ष संगीता द्विवेदी, बिभा देवी, उषा देवी, अमिता, लक्ष्मी, संगीता, शारदा, कांति, रेखा, माया, सीमा, रेनू, मन्नू और रंजना समेत बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं मौजूद रहीं। संघ की ओर से उम्मीद जताई गई कि शासन उनकी मांगों पर विचार करेगा और मानदेय तथा पोषण ट्रैकर से जुड़ी समस्याओं के समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाएगा।

Location :  Fatehpur

Published :  18 September 2026, 7:41 PM IST