एटा के नगला प्रेमी मोहल्ले में सोमवार दोपहर एक ही परिवार के चार लोगों को दिनदहाड़े घर में घुसकर मार डाला गया। घटना का दर्दनाक दृश्य मासूम बच्चे देवांश ने देखा। पुलिस फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड के साथ जांच में जुटी है।

एटा हत्याकांड
Etah: एटा के कोतवाली नगर क्षेत्र में सोमवार दोपहर ऐसा खौफनाक मामला सामने आया कि सुनकर रूह कांप जाए। मोहल्ला नगला प्रेमी में अज्ञात हमलावरों ने घर में घुसकर एक ही परिवार के चार सदस्यों की बेरहमी से हत्या कर दी। घटना के समय घर में मौजूद एक 12 वर्षीय मासूम देवांश ने अपने घर का भयावह दृश्य देखा, जिसे याद करके आज भी लोग सिहर उठते हैं।
देवांश सुनहरी नगर स्थित कलावती सरस्वती स्कूल में कक्षा पांच में पढ़ता है। सोमवार को स्कूल से छुट्टी के बाद वह घर आया, तो जैसे ही दरवाजा खोला, उसे अंदर घुसते ही खौफनाक दृश्य दिखाई दिया। नीचे कमरे में उसके दादा गंगा सिंह, 70 वर्षीय पत्नी श्यामा देवी और पुत्रवधू रत्ना लेटे हुए थे, खून से लथपथ। ऊपर कमरे में उसकी मां और नातिन भी बेड पर खून में लथपथ मिलीं। देवांश ने बताया कि कमरे का पंखा चल रहा था, जिसे देखकर उसे अंदाजा नहीं था कि क्या हो रहा है। जैसे ही उसने ऊपर देखा, उसका चीख निकल पड़ा।
मासूम बच्चे ने पास के घर जाकर पड़ोसी जसवीर सिंह को घटना की जानकारी दी। जसवीर ने कहा कि वह अपनी पत्नी अनीता के साथ जसराना गए थे। अनीता का फोन आने पर उन्होंने तीन बार मृतक के बेटे कमल सिंह को कॉल किया, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। तब वहां पहुंचकर उन्होंने देखा कि पूरा घर खून से लथपथ और दहशत फैल चुकी थी।
एक ही परिवार के 4 लोगों की सनसनीखेज हत्या से दहला एटा, देखें एडीजी अनुपमा कुलश्रेष्ठ ने क्या कहा?@Etahpolice #EtahPolice @Uppolice #UttarPardesh pic.twitter.com/jMNUioN5ae
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) January 19, 2026
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई: 75 वर्षीय गंगा सिंह, उनकी पत्नी 70 वर्षीय श्यामा देवी, पुत्रवधू 42 वर्षीय रत्ना, और नातिन 20 वर्षीय ज्योति। पुलिस ने बताया कि सभी को ईंट से मारा गया और खून से लथपथ हालत में फर्श और बेड पर पड़े पाए गए।
मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। पुलिस के आला अधिकारी, फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड भी जांच में जुटे हैं। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। इलाके में इस दिनदहाड़े हत्या की खबर से दहशत फैल गई है और लोग सुरक्षा की मांग करने लगे हैं।
देवांश ने बताया कि घर की मुख्य गेट अक्सर खुली रहती थी क्योंकि दादा-दादी बीमार थे और बच्चों का आवागमन होता रहता था। यह खुलापन हमलावरों के लिए मौका बन गया और उन्होंने परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया।