
मंडलायुक्त के औचक दौरे से अफसरों में मचा हड़कंप (IMG: Dynamite News)
Gorakhpur: गोरखपुर में करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं पर शनिवार को अचानक मंडलायुक्त की ‘रेड’ पड़ गई। एक के बाद एक निर्माण स्थल पर पहुंचे मंडलायुक्त इन्द्र विक्रम सिंह ने जब काम की जमीनी हकीकत देखी तो कई जगह निर्माण की रफ्तार सुस्त मिली। कहीं मजदूरों की संख्या कम थी तो कहीं खाली पड़े हिस्सों में काम शुरू तक नहीं हुआ था। यह देखकर मंडलायुक्त ने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं पर नाराजगी जताई। उन्होंने साफ कर दिया कि विकास कार्यों में ढिलाई अब नहीं चलेगी। मैनपावर बढ़ाकर काम को युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
मंडलायुक्त के निरीक्षण की शुरुआत चारफाटक-असुरन फोरलेन से हुई। यहां निर्माण कार्य की गति अपेक्षा के मुताबिक नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। मंडलायुक्त ने कार्यदायी संस्था और मेसर्स प्रभा कंस्ट्रक्शन को मैनपावर बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि काम की रफ्तार बढ़ाई जाए और निर्माण से जुड़े जरूरी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
इसके बाद मंडलायुक्त ने असुरन-पिपराईच फोरलेन परियोजना का निरीक्षण किया। यहां कुछ हिस्से खाली पड़े मिले और उनमें निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ था। इस पर मंडलायुक्त ने असंतोष जताते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल काम शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन हिस्सों में निर्माण शुरू किया जा सकता है, वहां किसी भी स्थिति में काम नहीं रुकना चाहिए।
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मंडलायुक्त ने आयुष विश्वविद्यालय में निर्माणाधीन प्रेक्षागृह का भी निरीक्षण किया। यहां निर्माण की स्थिति का जायजा लेने के बाद उन्होंने 31 अक्टूबर 2026 तक निर्माण पूरा कराने का लक्ष्य तय किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मैनपावर और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि तय समयसीमा में निर्माण कार्य पूरा हो सके।
मानीराम-बालापार-टिकरिया-गांगी बाजार मार्ग के निर्माण कार्य की भी मंडलायुक्त ने समीक्षा की। उन्होंने कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके बाद बालापार में निर्माणाधीन सिक्टौर थाने का निरीक्षण किया गया। यहां भी काम की गति बढ़ाने के लिए श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने सितंबर 2026 तक निर्माण कार्य पूरा कराने पर जोर दिया।
स्पोर्ट्स कॉलेज चौराहा से करीमनगर होते हुए झुंगिया चुंगी-फर्टिलाइजर मार्ग के निरीक्षण में निर्माण कार्य की गति धीमी मिली। इस पर मंडलायुक्त ने संबंधित फर्म को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण जैसी परियोजनाओं में देरी से आम लोगों को परेशानी होती है। इसलिए संबंधित अधिकारी नियमित रूप से मौके पर जाकर काम की प्रगति की निगरानी करें।
एचएन सिंह चौराहा से गोरखनाथ मंदिर मार्ग का निरीक्षण करते हुए मंडलायुक्त ने सड़क चौड़ीकरण के काम में बाधक बन रहे विद्युत ट्रांसफार्मरों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ट्रांसफार्मरों को उचित स्थान पर शिफ्ट कराने के निर्देश दिए, ताकि सड़क चौड़ीकरण का काम बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सके।
पादरी बाजार ओवरब्रिज के निरीक्षण में फातिमा हॉस्पिटल की तरफ का अधूरा काम सामने आया। मंडलायुक्त ने मैनपावर बढ़ाकर इस हिस्से का निर्माण जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही ओवरब्रिज के नीचे बनने वाली सर्विस रोड का काम भी तेजी से कराने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्य के कारण आम लोगों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
हड़हवा फाटक रेल ओवरब्रिज के निर्माण में हो रही देरी पर भी मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्माण में बाधा बन रहे मकानों को लेकर एसडीएम सदर को निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने कहा कि जिन मकानों के मालिकों को मुआवजा मिल चुका है, उन्हें तत्काल हटाने की कार्रवाई की जाए, ताकि ओवरब्रिज का निर्माण आगे बढ़ सके।
Location : Gorakhpur
Published : 8 August 2026, 8:54 PM IST
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