लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर डिंपल यादव ने उठाई आवाज, भाजपा सरकार को घेरा

मैनपुरी से सपा सांसद डिंपल यादव ने भाजपा शासित राज्यों में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कथित मारपीट और हिरासत की घटनाओं पर सवाल उठाते हुए सरकार को घेरा है। उन्होंने शांतिपूर्ण विरोध को लोकतांत्रिक अधिकार बताते हुए कार्रवाई के बजाय छात्रों से संवाद की मांग की।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 4 October 2026, 10:58 PM IST

Lucknow: मैनपुरी से सपा सांसद डिंपल यादव ने रविवार को भाजपा शासित राज्यों में छात्रों पर हुई कथित पुलिसिया कार्रवाई, मारपीट और हिरासत में लिए जाने की खबरों पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली, लखनऊ, मुंबई समेत पूरे देश में अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठा रहे छात्रों के खिलाफ इस तरह का दमनकारी रवैया अपनाया जाना बेहद निंदनीय है।

भाजपा पर कसा तंज

उन्होंने भाजपा पर तंज कसे और कहा कि लोकतंत्र में असहमति और शांतिपूर्ण विरोध का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं के सवालों का जवाब लाठी, हिरासत या बल प्रयोग से नहीं, बल्कि बातचीत और समाधान के जरिए दिया जाना चाहिए।

उन्होंने सरकार से मांग की कि युवाओं की जायज मांगों को दबाने के बजाय उनसे बातचीत की जानी चाहिए, क्योंकि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।

पुलिसिया कार्रवाई की निंदा

डिंपल यादव ने  दिल्ली और मुंबई में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा की और इसे लोकतंत्र के इतिहास का काला दिन बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस छात्र-छात्राओं के साथ पुलिस की कार्रवाई  बेहद शर्मनाक और अलोकतांत्रिक है।

मैनपुरी में सपा कार्यालय पर INDIA गठबंधन की बैठक, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग; SIR पर उठाए सवाल

उन्होंने कहा कि देश का युवा लोकतंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और उसकी आवाज को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। यदि छात्रों को अपनी समस्याएं उठाने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, तो सरकार को इसके पीछे की वजहों पर विचार करना चाहिए।

युवाओं की आवाज ने दबाए सरकार

सपा सांसद ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं है। लोकतंत्र में असहमति की आवाज सुनना और शांतिपूर्ण विरोध का सम्मान करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने सरकार से अपील की कि युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं को समझने और उनसे संवाद करने का रास्ता अपनाया जाना चाहिए।

मैनपुरी में कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस का बड़ा अभियान, 23 आरोपी गिरफ्तार; जानिए किस थाने से कितने पकड़े गए

संवाद का रास्ता निकाले सरकार

सपा सांसद ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले युवाओं के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र और राज्य सरकारें छात्र-युवाओं की मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करेंगी और टकराव के बजाय संवाद का रास्ता अपनाएंगी।

Location :  Lucknow

Published :  4 October 2026, 10:49 PM IST