देवरिया न्यायालय में वोटिंग का महा मुकाबला, 333 उम्मीदवारों के बीच कौन करेगा जीत का दावा?

देवरिया के दीवानी न्यायालय में उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के सदस्य पद का चुनाव जोर-शोर से चल रहा है। प्रत्याशी और प्रतिनिधि मतदाताओं को अपने पक्ष में रिझा रहे हैं। हर वोट अहम, हर कदम मायने रखता है।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 21 January 2026, 7:03 PM IST

Deoria: उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के सदस्य पद के चुनाव को लेकर दीवानी न्यायालय देवरिया में आज माहौल काफी गहमागहमी भरा रहा। डाइनामाइट न्यूज़ की टीम ने दिनांक 21 जनवरी 2026 को देवरिया के दीवानी न्यायालय परिसर से ग्राउंड रिपोर्टिंग की और चुनाव की जमीनी हकीकत को सामने लाया। यह चुनाव पूरे उत्तर प्रदेश के 75 जनपदों में चार चरणों में आयोजित किया जा रहा है।

चुनाव का पैमाना और पंजीकृत मतदाता

उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के 25 सदस्य पदों के लिए कुल 333 उम्मीदवार मैदान में हैं। पूरे प्रदेश में इस चुनाव में कुल 2,49,000 पंजीकृत अधिवक्ता मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव की प्रक्रिया की मॉनिटरिंग सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा गठित हाई लेवल बोर्ड के देखरेख में की जा रही है, ताकि मतदान निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो सके।

देवरिया में भी सुबह से ही प्रत्याशियों और उनके प्रतिनिधियों के बीच वोटरों को अपने पक्ष में आकर्षित करने की कोशिशों का दौर जारी रहा।

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प्रत्याशियों और प्रतिनिधियों की सक्रियता

देवरिया से इस चुनाव में प्रमुख प्रत्याशियों में श्रीनाथ तिवारी, सिंहासन गिरी, कमलाकर त्रिपाठी, अश्वनी कुमार श्रीवास्तव और जय नारायण पांडे शामिल हैं। डाइनामाइट न्यूज़ की टीम ने प्रत्याशियों और उनके प्रतिनिधियों से बातचीत की।

श्रीनाथ तिवारी ने अपने मतदाताओं से संवाद में कहा कि उनका उद्देश्य बार काउंसिल में पारदर्शिता और न्यायिक सुधार को बढ़ावा देना है। वहीं सिंहासन गिरी ने अपने दृष्टिकोण में अधिवक्ताओं के हितों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। प्रत्याशियों के प्रतिनिधि अपने-अपने मतदाताओं को समझाने में जुटे रहे कि उनका उम्मीदवार उनके पेशेवर और सामाजिक हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।

अधिवक्ताओं का उत्साह और मतदान प्रक्रिया

मतदाता अधिवक्ता सुबह से ही मतदान केंद्र पर पहुंचे और अपने मत का प्रयोग करने में सक्रिय दिखाई दिए। कई अधिवक्ताओं ने कहा कि चुनाव केवल पद पाने का संघर्ष नहीं है, बल्कि बार काउंसिल के निर्णयों में सुधार और पेशेवर हितों की रक्षा का माध्यम भी है। कुछ अधिवक्ताओं ने बताया कि वे अपने अनुभव और ज्ञान के आधार पर प्रत्याशियों का चुनाव कर रहे हैं।

मतदान प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और अनुशासित रही। हाई लेवल बोर्ड के पर्यवेक्षकों की निगरानी में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।

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प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि देवरिया में मतदान केंद्र पर सुबह से ही उत्साह का माहौल था। प्रत्याशी और उनके प्रतिनिधि सक्रियता से मतदाताओं से मिल रहे थे। इस चुनाव की प्रक्रिया को देखकर यह स्पष्ट होता है कि उत्तर प्रदेश बार काउंसिल का चुनाव केवल राजनीतिक या पदवी संघर्ष नहीं है, बल्कि पेशेवर लोकतंत्र का जीवंत उदाहरण भी है।

Location : 
  • Deoria

Published : 
  • 21 January 2026, 7:03 PM IST