‘योग्यता को पीछे धकेलना मंजूर नहीं’, यूजीसी रेगुलेशन एक्ट के खिलाफ देवरिया में धरना, सरकार से कानून वापस लेने की मांग

देवरिया में यूजीसी रेगुलेशन एक्ट 2026 के विरोध में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा पार्टी ने धरना प्रदर्शन किया। पार्टी के विधि प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष प्रिंस तिवारी ने सरकार पर छात्रों को बांटने का आरोप लगाते हुए एक्ट वापस लेने की मांग की।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 8 September 2026, 3:25 PM IST

Deoria: देवरिया में यूजीसी रेगुलेशन एक्ट 2026 के विरोध में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा पार्टी के कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया। पार्टी के विधि प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष प्रिंस तिवारी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई और एक्ट को वापस लेने की मांग की।

धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा से जुड़े फैसलों का असर सीधे छात्रों के भविष्य पर पड़ता है। ऐसे में किसी भी नए नियम को लागू करने से पहले उसके प्रभाव पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

एक्ट को लेकर सरकार पर लगाए आरोप

धरने पर बैठे प्रिंस तिवारी ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार सबका साथ, सबका विकास और एक भारत श्रेष्ठ भारत की बात करती है, वहीं दूसरी ओर यूजीसी रेगुलेशन एक्ट के जरिए छात्रों के बीच विभाजन की स्थिति पैदा की जा रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों से जुड़े विषय पर सरकार को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने एक्ट को शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों के भविष्य से जोड़ते हुए इसे वापस लेने की मांग रखी।

ये भी पढ़ें- यूपी का बुनकर बनेगा ब्रांड ओनर और युवा एंटरप्रेन्योर, टेक्सटाइल कॉन्क्लेव में बड़ा ऐलान

“योग्यता को पीछे धकेलना स्वीकार नहीं”

प्रिंस तिवारी ने कहा कि योग्यता को पीछे धकेलकर अयोग्यता को बढ़ावा देने वाली व्यवस्था स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सरकार से यूजीसी रेगुलेशन एक्ट 2026 को वापस लेने की मांग की। धरने में मौजूद कार्यकर्ताओं ने भी इस मुद्दे पर संगठन की मांग का समर्थन किया। प्रदर्शन के दौरान सरकार से फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की गई।

ये भी पढ़ें- Gorakhpur: पिपराइच में बोर्ड बैठक के बीच ऐसा क्या हुआ? 19 सभासदों ने एक साथ खोला मोर्चा, चेयरमैन को छोड़ना पड़ा बैठक

मांग नहीं मानी तो आगे बढ़ेगा आंदोलन

प्रदर्शन के दौरान संगठन की ओर से आगे की रणनीति को लेकर भी चेतावनी दी गई। प्रिंस तिवारी ने कहा कि अगर यूजीसी को रोल बैक नहीं किया गया तो संगठन अपने शीर्ष नेतृत्व के निर्देश के अनुसार आगे की रणनीति तय करेगा। इस बयान के बाद यह संकेत माना जा रहा है कि मांग पूरी नहीं होने पर संगठन आने वाले दिनों में आंदोलन को आगे बढ़ा सकता है। फिलहाल राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा पार्टी ने एक्ट वापस लेने की मांग को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया है।

Location :  Deoria

Published :  8 September 2026, 3:25 PM IST