सपने संवारने गया था विदेश, मिसाइल हमले में खत्म हुई सांसें! देवरिया पहुंचा सूरज यादव का पार्थिव शरीर; अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब

परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने और बेहतर भविष्य का सपना लेकर विदेश गए देवरिया के सूरज यादव की जिंदगी 23 सितंबर के हमले में खत्म हो गई। रविवार को उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 4 October 2026, 7:32 PM IST

Deoria: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के ओमान के पास मालवाहक जहाज पर हुए मिसाइल हमले में जान गंवाने वाले देवरिया के 23 वर्षीय सूरज यादव का पार्थिव शरीर रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को उनके पैतृक गांव करमजीतपुर, थाना गौरी बाजार पहुंचा। शव के गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में मातम छा गया। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के लोग पहुंच गए।

बेहतर भविष्य का सपना लेकर विदेश गया था सूरज

सूरज यादव परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने और बेहतर भविष्य बनाने की उम्मीद लेकर 19 अगस्त को मुंबई से दुबई होते हुए ओमान पहुंचे थे। वह वहां एक मालवाहक जहाज पर काम करते थे। परिवार को उम्मीद थी कि विदेश में नौकरी कर सूरज परिवार की जिम्मेदारियों को संभालेगा, लेकिन एक हादसे ने इन उम्मीदों को हमेशा के लिए तोड़ दिया।

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23 सितंबर को जहाज पर हुआ था हमला

बताया गया कि 23 सितंबर को ओमान के पास उड़ेसा बंदरगाह के नजदीक मालवाहक जहाज को मिसाइल हमले का सामना करना पड़ा। जहाज पर सवार 28 भारतीयों में सूरज यादव की भी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया था। इसके बाद से परिजन उसके पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने का इंतजार कर रहे थे।

शव पहुंचते ही मचा कोहराम

रविवार को सूरज का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। मां-बाप और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। महज 23 साल की उम्र में परिवार का सहारा बनने विदेश गए सूरज को तिरंगे में अंतिम विदाई की तैयारी शुरू हुई तो मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।

अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़

सूरज के अंतिम दर्शन के लिए गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। भीड़ को देखते हुए स्थानीय थाना पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। लोग सूरज की एक झलक पाने के साथ ही शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने के लिए गांव पहुंचे।

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परिवार की उम्मीदों पर टूटा दुखों का पहाड़

स्थानीय लोगों के मुताबिक, सूरज कम उम्र में ही परिवार की जिम्मेदारियां उठाने के लिए विदेश गया था। परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं। लोगों ने कहा कि सूरज परिवार का भविष्य संवारने निकला था, लेकिन ओमान के पास हुए हमले ने पूरे परिवार की जिंदगी बदल दी।

गांव लौटा सूरज का पार्थिव शरीर

सूरज अब कभी अपने परिवार के बीच वापस नहीं लौटेगा। उसका पार्थिव शरीर गांव जरूर पहुंचा, लेकिन अपने पीछे वह परिवार के लिए गहरा दुख और अपूरणीय क्षति छोड़ गया। अंतिम दर्शन के दौरान गांव ही नहीं, आसपास के इलाके में भी शोक का माहौल बना रहा।

Location :  Deoria

Published :  4 October 2026, 7:30 PM IST