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पुराने पेंशनरों की पेंशन संशोधन की मांग (Source: Dynamite News)
Deoria: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में पेंशनर्स कल्याण संस्था की जनपद शाखा देवरिया की बैठक सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित संस्था भवन में आयोजित हुई। अध्यक्ष श्रीराम त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में आठवें वेतन आयोग में पुराने पेंशनरों की पेंशन के पुनरीक्षण, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, कैशलेस इलाज और पुरानी पेंशन योजना समेत कई मुद्दों पर चर्चा की गई। संस्था के पदाधिकारियों ने पेंशनरों की समस्याओं का समाधान करने और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
बैठक में संस्था अध्यक्ष श्रीराम त्रिपाठी ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति की ऑनलाइन प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के कारण पेंशनरों को चिकित्सा खर्च की प्रतिपूर्ति प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि सांसदों और विधायकों को इस प्रक्रिया से अलग रखा गया है, तो कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए अलग व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही है।
उन्होंने चिकित्सा प्रतिपूर्ति से जुड़े लंबित मामलों का जल्द निस्तारण करने की मांग की। साथ ही कहा कि पेंशनरों के हितों के विपरीत कोई निर्णय लिया गया तो संस्था उसके विरोध में संघर्ष करने के लिए बाध्य होगी।
जिला मंत्री लालसा यादव ने कहा कि आठवें वेतन आयोग में पूर्व और वर्तमान पेंशनरों के साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि सातवें वेतन आयोग की तरह आठवें वेतन आयोग में भी सभी पेंशनरों को बिना भेदभाव के लाभ दिया जाए।
उन्होंने कहा कि पेंशन सेवानिवृत्त कर्मचारियों के जीवन का महत्वपूर्ण सहारा है। इसलिए उनके अधिकारों और सुविधाओं में कटौती नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आठवें वेतन आयोग के विचारणीय बिंदुओं में 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों की पेंशन के पुनरीक्षण को शामिल करने की मांग उठाई।
संयुक्त मंत्री दिग्विजयनाथ सिंह ने सेवानिवृत्त प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज की व्यवस्था होने के बावजूद सेवानिवृत्त शिक्षकों को इससे वंचित रखा गया है। उन्होंने सरकार से इस विषय पर आवश्यक कदम उठाने की अपील की।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष एसके भौमिक ने कोरोना काल में रोके गए 18 महीने के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत के बकाया भुगतान की मांग उठाई। वहीं, संगठन मंत्री रामविलास मणि ने वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनरों को रेल, बस तथा हवाई यात्रा में पहले मिलने वाली छूट बहाल करने की मांग की।
बैठक में पेंशन से जुड़ी अन्य मांगें भी उठाई गईं। उपाध्यक्ष एवं पूर्व डीआईजी जेल काशीनाथ ने पेंशन राशिकरण की कटौती अवधि 15 वर्ष से घटाकर 11 वर्ष करने की मांग की।
योगेंद्र तिवारी ने प्रस्ताव रखा कि 80 वर्ष की आयु पूरी होने पर मिलने वाली 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन के अलावा 65, 70 और 75 वर्ष की आयु पर क्रमशः 5, 10 और 15 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन देने की व्यवस्था की जाए।
श्री साजिद अली ने पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग उठाई। उन्होंने कर्मचारियों की पेंशन व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों को मिलने वाली पेंशन के संबंध में भी सवाल किए। उन्होंने कहा कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में कर्मचारियों को संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ सकता है।
बैठक के दौरान श्रीकृष्णा कुशवाहा ने लोकगीत प्रस्तुत किया। इसके अलावा मथुरी प्रसाद, जफर मंसूर समेत अन्य वक्ताओं ने भी पेंशनरों की समस्याओं और मांगों पर अपने विचार रखे।
इस अवसर पर जेईटी पीडब्ल्यूडी विजयशंकर मिश्र के आकस्मिक निधन पर दो मिनट का मौन रखा गया। उपस्थित सदस्यों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
बैठक में उपाध्यक्ष इंजीनियर दिग्विजयनाथ तिवारी, प्रचार मंत्री अशोक कुमार कुशवाहा, जेपी पांडेय, बीएन पांडेय, रमाकांत श्रीवास्तव, रमाशंकर चौहान, रामधार यादव, हरिकेश गुप्ता, एतवारूल हक, कुलकमल तिवारी, राजबसंत विश्वकर्मा, राममोहन सिंह, सीताराम यादव, नरसिंह, इंजीनियर आरपी सिंह, चंद्रप्रकाश दीक्षित, रामनगीना पांडेय, उपेंद्र पांडेय, श्रीपति तिवारी, ओमप्रकाश गुप्त, चंद्रसेन पांडेय, दीनानाथ सिंह, जगदीश वर्मा, रामेश्वर पांडेय और राजेंद्र श्रीवास्तव समेत संस्था के अनेक सदस्य उपस्थित रहे। अंत में अध्यक्ष श्रीराम त्रिपाठी ने सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया और बैठक के समापन की घोषणा की।
Location : Deoria
Published : 13 October 2026, 4:25 PM IST
Topics : 8th Pay Commission Cashless Medical Facility Deoria News Old Pension Scheme Pension Revision Demand