देवरिया के रुद्रपुर थाना क्षेत्र में POCSO एक्ट के तहत दर्ज मामले में लंबे समय से फरार आरोपी अमरजीत को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। छितही पोखरे के पास से पकड़े गए आरोपी पर पहले से केस दर्ज था। पुलिस ने सख्त धाराएं बढ़ाते हुए उसे जेल भेज दिया है।

आरोपी अमरजीत
Deoria: उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद के रुद्रपुर थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया था, जिसमें एक गांव की रहने वाली किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने का आरोप लगा था। इस मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से 20 मार्च 2025 को रुद्रपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा संख्या 452/25 के तहत जांच भी शुरू की थी। मामला POCSO एक्ट से जुड़ा होने के कारण शुरुआत से ही पुलिस पर आरोपी को जल्द पकड़ने का दबाव था। लेकिन आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था, जिससे उसकी गिरफ्तारी चुनौती बनी हुई थी। इस केस ने इलाके में भी काफी चर्चा बटोरी थी और स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
लगातार तलाश के बाद आखिरकार 31 मार्च 2026 को रुद्रपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली। पुलिस टीम ने ग्राम छितही के पास पोखरे के समीप कटैन इलाके से आरोपी अमरजीत को धर दबोचा। यह कार्रवाई संजीव सुमन के निर्देशन में की गई। इसमें आनंद कुमार पांडे, हरिराम यादव, उपनिरीक्षक सौरभ सिंह और कांस्टेबल कन्हैयालाल चौधरी की टीम ने अहम भूमिका निभाई।
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पुलिस की इस कार्रवाई को काफी योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी की लोकेशन ट्रैक करने के बाद टीम ने उसे मौके पर घेरकर गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से कोई प्रतिरोध नहीं मिला।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज मुकदमे में और सख्त धाराएं जोड़ दी हैं। अब इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 64(1), 87 के साथ-साथ POCSO एक्ट की धारा 5J(2)/6 भी शामिल की गई है।
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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला बेहद संवेदनशील है और इसमें सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
इस कार्रवाई से पुलिस ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है और इसे कानून व्यवस्था के लिए सकारात्मक कदम बताया है।