कोर्ट की चौखट तक पहुंचने से पहले बिखरने से बचा आशियाना, मध्यस्थता की पहल से फिर एक हुए बिछड़े पति-पत्नी

उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर चल रहे अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देवरिया ने प्री-लिटिगेशन स्तर पर एक पारिवारिक विवाद का सफल समाधान किया।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 21 September 2026, 6:29 PM IST

Deoria: उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान-3.0’ के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देवरिया ने प्री-लिटिगेशन स्तर पर पारिवारिक विवाद का निस्तारण कर टूटते परिवार को फिर से जोड़ने की मिसाल कायम की।

न्यायालय जाने से पहले मध्यस्थता से हुआ समाधान

जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण धनेन्द्र प्रताप सिंह के मार्गदर्शन तथा सचिव/सिविल जज (एसडी) अर्चना-द्वितीय के नेतृत्व में न्यायालय जाने से पहले ही विवादों का मध्यस्थता के माध्यम से समाधान कराया जा रहा है। 

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इसी क्रम में महिला थाना देवरिया से प्राप्त नगवंती बनाम सुनील प्रजापति के प्रकरण को आपसी विवाद के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए मध्यस्थता केंद्र भेजा गया। यहां नियुक्त मध्यस्थ अरविन्द कुमार पाण्डेय के प्रयासों से दोनों पक्षों के बीच बातचीत कर वैवाहिक एवं पारिवारिक दायित्वों के प्रति समझ विकसित कराई गई।

बातचीत से दूर हुआ पति-पत्नी का विवाद

मध्यस्थता के दौरान पति-पत्नी के बीच चल रहा मनमुटाव समाप्त हुआ। दोनों ने बिना किसी दबाव के स्वेच्छा से विवाद को प्री-लिटिगेशन स्तर पर समाप्त करने और दोबारा साथ रहने का निर्णय लिया।

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मध्यस्थता से बचता है समय और धन

सचिव अर्चना-द्वितीय ने आमजन से अपील की कि आपसी एवं पारिवारिक विवादों को न्यायालय में ले जाने से पहले मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता से समय और धन की बचत के साथ रिश्तों को टूटने से बचाया जा सकता है और समाज में शांति एवं सौहार्द कायम किया जा सकता है।

Location :  Deoria

Published :  21 September 2026, 6:29 PM IST