
बिजली कटौती पर किसान यूनियन का हल्ला (Image: Dynamite News)
Deoria News: देवरिया में बिजली व्यवस्था को लेकर किसानों का गुस्सा अब सड़क पर उतरने लगा है। ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती, जर्जर तारों और खराब विद्युत ढांचे को लेकर किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो 27 अक्टूबर को बड़ी महापंचायत कर आंदोलन तेज किया जाएगा। लगातार दो दिनों से हो रही बारिश के चलते किसान यूनियन ने अपनी प्रस्तावित पंचायत को सीमित कर दिया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि बारिश के कारण दूर-दराज से आने वाले लोगों को परेशानी होती, इसलिए सीमित संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता अधीक्षण अभियंता कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगें रखीं।
किसान यूनियन ने मांग की है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पहले की तरह 20 से 22 घंटे बिजली आपूर्ति बहाल की जाए। यूनियन का कहना है कि बिजली कटौती के कारण किसानों और आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा गांवों में लगे पुराने और जर्जर बिजली के तारों को बदलने की मांग भी उठाई गई है। जिन इलाकों में अभी तक केबल नहीं बिछाई गई है, वहां जल्द से जल्द केबल लगाने की मांग की गई। यूनियन ने 11 हजार वोल्ट की लटकती और खराब लाइनों को दुरुस्त करने के साथ जरूरत वाले स्थानों पर नए पोल लगाने की भी मांग रखी।
किसान यूनियन ने बिजली बिलों में आ रही गड़बड़ियों को दूर करने की मांग भी उठाई। इसके साथ ही बरयारपुर विद्युत उपकेंद्र के गोरिया फीडर से जुड़े सिद्धुआ क्षेत्र में 33 केवी के नए विद्युत उपकेंद्र की स्थापना की मांग की गई। यूनियन पदाधिकारियों का कहना है कि उपकेंद्र निर्माण के लिए ग्राम सभा की ओर से 12 कट्ठा जमीन उपलब्ध कराई जा चुकी है और विभागीय टीम इसका सर्वे भी कर चुकी है, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।
अधीक्षण अभियंता अमित कुमार सिंह ने बताया कि किसान यूनियन की ओर से तीन प्रमुख मांगों को लेकर ज्ञापन दिया गया है। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों में 22 घंटे बिजली आपूर्ति, जर्जर और खुले तारों को केबल से बदलना और सिद्धुआ क्षेत्र में 33 केवी विद्युत उपकेंद्र की स्थापना शामिल है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 18.5 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। आरडीएसएस योजना के तहत देवरिया जिले में करीब 100 करोड़ रुपये के काम कराए गए हैं। जो क्षेत्र अभी बाकी हैं, उनके लिए योजना तैयार की जा रही है और उन्हें आगामी कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा। सिद्धुआ में नए विद्युत उपकेंद्र की मांग पर अधीक्षण अभियंता ने कहा कि विभाग इसकी तकनीकी जरूरत का परीक्षण करेगा। अगर जांच में उपकेंद्र की आवश्यकता सामने आती है तो आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
किसान यूनियन ने साफ कर दिया है कि अगर बिजली से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो बारिश का मौसम खत्म होने के बाद 27 अक्टूबर को अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर महापंचायत आयोजित की जाएगी। यूनियन ने कहा कि इसके बाद बिजली विभाग के खिलाफ आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
Location : Deoria
Published : 25 September 2026, 3:46 PM IST