देवरिया जेल में अचानक पहुंचीं प्रशासनिक गाड़ियां, मची खलबली! DM-SP ने दिए कड़े निर्देश

देवरिया में डीएम मधुसूदन हुल्गी और एसपी अभिजीत आर. शंकर ने जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। महिला बंदियों के बच्चों के पोषण, जेल सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण भोजन, कौशल विकास, विधिक सहायता और ‘एक जेल, एक उत्पाद’ योजना को लेकर आवश्यक निर्देश दिए।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 8 August 2026, 4:18 PM IST

Deoria: उत्तर प्रदेश के देवरिया के जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी एवं पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने शनिवार को जिला कारागार का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था और विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने जेल प्रशासन को बंदियों की सुविधाओं, सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

महिला बंदियों के बच्चों के पोषण और टीकाकरण पर जोर

जिलाधिकारी ने महिला बैरक के निरीक्षण के दौरान महिला बंदियों के साथ रह रहे बच्चों के लिए पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने तथा उनके नियमित टीकाकरण सहित बच्चों से संबंधित अन्य आवश्यक गतिविधियों एवं सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

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पाकशाला और विशेष बैरकों का लिया जायजा

जिलाधिकारी ने कारागार की पाकशाला का भी निरीक्षण किया तथा बंदियों को मानक के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराते रहने के निर्देश दिए। विशेष सुरक्षा वाले बैरकों में विशेष सतर्कता बरतते हुए निगरानी बढ़ाने तथा वहां निरुद्ध बंदियों की गतिविधियों पर प्रभावी नजर रखने के निर्देश दिए।

कौशल विकास और ‘एक जेल, एक उत्पाद’ को बढ़ावा

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जेल चिकित्सालय में भर्ती बीमार बंदियों का समुचित उपचार सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी बंदी को अनावश्यक रूप से जेल चिकित्सालय में भर्ती न रखा जाए। उन्होंने कम उम्र वाले युवक-युवतियों एवं महिला बंदियों, जो कारागार में निरुद्ध हैं, को कौशल विकास योजनाओं से जोड़ने तथा उनमें कौशल एवं दक्षता विकसित करने के निर्देश दिए।

दया याचिका और विधिक सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश

जिलाधिकारी ने कारागार में "एक जेल एक उत्पाद" निर्मित उत्पादों को बढ़ावा देने तथा उनकी उत्पादकता एवं गुणवत्ता में वृद्धि के साथ-साथ उचित मार्केटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बंदियों द्वारा निर्मित उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराया जाए, जिससे उन्हें अपने उत्पादों का उचित लाभ मिल सके। जिलाधिकारी ने सिद्धदोष 70 वर्ष से ऊपर के बुजुर्ग पुरुष बंदियों एवं 60 वर्ष से अधिक उम्र की सिद्धदोष महिला बंदियों की दया याचिका एवं समयपूर्व रिहाई के लिए नियमानुसार प्रस्ताव शासन को जेल स्तर से भेजने के निर्देश दिए।

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उन्होंने निरीक्षण के दौरान यह भी निर्देश दिया कि जिन बंदियों को अधिवक्ता संबंधी विधिक सहायता नहीं मिल पा रही है, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से शासकीय अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनके मामलों की प्रभावी पैरवी के साथ साथ विधिक सहायता मिल सके।

एसपी ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के दिए निर्देश

पुलिस अधीक्षक ने निरीक्षण के दौरान जेल की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा प्रत्येक गतिविधि पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जेल की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक न हो, यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक आशीष रंजन सहित अन्य जेल अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

Location :  Deoria

Published :  8 August 2026, 4:18 PM IST