“आओ एक बिस्तर हो जाएं…” देवरिया स्वास्थ्य विभाग में बवाल, नर्स ने लगाया उत्पीड़न का गंभीर आरोप, CMO ने दिए निष्पक्ष जांच के आदेश

देवरिया के भटनी सीएचसी में एक स्टाफ नर्स ने प्रभारी डॉ नवीन कुमार पर पिछले चार महीने से रात में अकेले बुलाकर अश्लील हरकतें करने और प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है। न्याय न मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है। सीएमओ ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 27 July 2026, 8:17 AM IST

Deoria: उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद के भटनी थाना क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां तैनात एक महिला स्टाफ नर्स ने सीएचसी प्रभारी डॉ नवीन कुमार पर गंभीर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। इस सनसनीखेज घटना के सामने आने के बाद पूरे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।

"आओ, एक बिस्तर हो जाएं..." स्टाफ नर्स के गंभीर आरोप

पीड़ित महिला कर्मचारी ने रविवार को सीधे मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ अनिल कुमार गुप्ता के पास पहुंचकर एक लिखित शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपा है और न्याय की गुहार लगाई है।

अपनी शिकायत में स्टाफ नर्स ने आरोप लगाया है कि सीएचसी प्रभारी डॉ नवीन कुमार पिछले लगभग चार महीनों से उसे लगातार परेशान कर रहे हैं। आरोप है कि प्रभारी डॉक्टर उसे रात के समय अकेले अपने कमरे में बुलाते हैं और वहां उसके साथ आपत्तिजनक बातें करते हुए अश्लील हरकतें करते हैं। महिला के मुताबिक, प्रभारी ने कई बार उससे बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा, "आओ, हम दोनों एक बिस्तर हो जाएं।"

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महिला ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि इस लगातार हो रहे उत्पीड़न के कारण वह भारी मानसिक तनाव से गुजर रही है। चूंकि उसके परिवार में बड़े बच्चे हैं, इसलिए इस स्थिति की वजह से उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा दांव पर लग गई है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि महिला ने चेतावनी दी है कि यदि उसे समय रहते न्याय नहीं मिला, तो वह कोई आत्मघाती कदम उठाने के लिए मजबूर हो जाएगी।

सीएचसी प्रभारी ने आरोपों को बताया एक साजिश

दूसरी ओर, आरोपी सीएचसी प्रभारी डॉ नवीन कुमार ने अपने ऊपर लगे इन तमाम गंभीर आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद करार दिया है।

डॉ नवीन कुमार का पक्ष है कि यह पूरा मामला उन्हें फंसाने के लिए रची गई एक सोची-समझी साजिश है। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि संबंधित महिला कर्मचारी नाइट ड्यूटी करने से बचना चाहती है। इन दिनों जिलाधिकारी द्वारा ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है, जिससे पूरे स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची हुई है। रोस्टर के नियमानुसार जिन कर्मचारियों की ड्यूटी रात में लगाई जा रही है, वे इससे असुविधा महसूस कर रहे हैं और ड्यूटी करने से कतरा रहे हैं। प्रभारी का दावा है कि इसी नाराजगी और प्रशासनिक कार्रवाई के डर से बचने के लिए महिला कर्मचारी उन्हें इस झूठे मामले में फंसाने का कुचक्र रच रही है।

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मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने दिए सख्त जांच के आदेश

इस हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ अनिल कुमार गुप्ता ने तुरंत संज्ञान लिया है।

सीएमओ ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि महिला कर्मचारी द्वारा लगाए गए आरोप बेहद गंभीर प्रकृति के हैं और विभाग ने इसे पूरी गंभीरता से लिया है। इस पूरे प्रकरण की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। सीएमओ ने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट में जो भी पक्ष दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।

Location :  Deoria

Published :  27 July 2026, 8:11 AM IST