
प्रतीकात्मक फोटो (Image Source: Pinterest)
दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए वाहनों के प्रवेश को लेकर नए नियम लागू करने की तैयारी है। गाजियाबाद के एआरटीओ प्रशासन अशोक कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक, प्रस्तावित व्यवस्था के तहत दिल्ली में बीएस-6 मानक वाले, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। इससे उन वाहन संचालकों के सामने चुनौती खड़ी हो सकती है, जिनका कारोबार दिल्ली में माल पहुंचाने या यात्रियों को लाने-ले जाने पर निर्भर है।
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, गाजियाबाद में 3,92,079 वाहन बीएस-6 उत्सर्जन मानक से नीचे की श्रेणी में दर्ज हैं। नई पाबंदियां लागू होने पर इनमें से नियमों के दायरे में आने वाले वाहनों के दिल्ली प्रवेश पर असर पड़ सकता है। इसका प्रभाव माल ढुलाई, बस सेवाओं, टैक्सी संचालन और दूसरे परिवहन कार्यों पर पड़ने की आशंका है। हालांकि, बीएस-6 से नीचे के सभी वाहन स्वतः प्रतिबंधित होंगे या कुछ श्रेणियों को छूट मिलेगी, यह संबंधित आदेश की शर्तों पर निर्भर करेगा।
ट्रक, बस और टैक्सी ऑपरेटरों का कहना है कि दिल्ली में प्रवेश सीमित होने से उनके कामकाज और कमाई पर असर पड़ सकता है। कारोबारियों ने प्रतिदिन 60 लाख रुपये से अधिक के नुकसान की आशंका जताई है। यदि बड़ी संख्या में वाहन दिल्ली नहीं जा पाते हैं, तो माल की आपूर्ति और यात्रियों के परिवहन में भी बदलाव करना पड़ सकता है। ट्रांसपोर्ट कारोबारियों के लिए वैकल्पिक वाहनों की व्यवस्था करना या दूसरे रास्तों और सेवाओं पर निर्भर होना अतिरिक्त खर्च बढ़ा सकता है। दूसरी ओर, प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से लागू की जा रही पाबंदियों का वास्तविक प्रभाव नियमों के क्रियान्वयन और उपलब्ध छूट पर निर्भर करेगा। फिलहाल, गाजियाबाद के वाहन मालिकों और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों की नजर एक नवंबर से लागू होने वाली व्यवस्था पर है। उन्हें यह स्पष्ट होने का इंतजार है कि किन वाहनों पर प्रतिबंध लागू होगा और क्या किसी श्रेणी को राहत दी जाएगी।
Location : Ghaziabad
Published : 25 October 2026, 5:25 PM IST