
अभिषेक की आंखें बनेंगी किसी की नई उम्मीद
Chandauli: दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक हादसे ने चंदौली के एक होनहार छात्र की जिंदगी छीन ली। सदर थाना क्षेत्र के झांसी गांव निवासी 20 वर्षीय अभिषेक कुमार की पांच मंजिला इमारत हादसे में मौत हो गई। अभिषेक दिल्ली विश्वविद्यालय में बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र था और बेहतर भविष्य के सपने लेकर राजधानी गया था। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
अभिषेक के परिवार को उम्मीद थी कि पढ़-लिखकर बेटा उनका नाम रोशन करेगा और अपने सपनों को पूरा करेगा। वह एमबीए करने की तैयारी में जुटा था। परिवार ने कभी नहीं सोचा था कि बेहतर भविष्य की तलाश में दिल्ली गया उनका बेटा इस तरह हमेशा के लिए उनसे दूर हो जाएगा।
मृतक के शोकाकुल परिजन
हादसे के बाद अभिषेक का शव दिल्ली से वाराणसी लाया गया, जहां गंगा घाट पर नम आंखों के बीच उसका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम विदाई के दौरान परिवार, रिश्तेदार और गांव के लोग भावुक हो उठे। हर किसी की आंखों में अभिषेक को खोने का दर्द साफ दिखाई दे रहा था।
इस गहरे दुख के बीच अभिषेक के परिवार ने एक ऐसा फैसला लिया, जिसने सभी का दिल छू लिया। बेटे की इच्छा को पूरा करते हुए परिजनों ने उसकी आंखें दान कर दीं। परिवार का कहना है कि भले ही अभिषेक अब उनके बीच नहीं है, लेकिन उसकी आंखों से किसी और की जिंदगी में रोशनी आ सकेगी।
अभिषेक के पिता संतोष कुमार ने भावुक होते हुए कहा कि बेटे को खोने का दर्द कभी कम नहीं होगा, लेकिन उसकी आंखें किसी जरूरतमंद के जीवन में उजाला ला सकेंगी, यही उनके लिए सबसे बड़ी संतुष्टि है।
सत्य निकेतन हादसे ने जहां एक परिवार के सपनों को तोड़ दिया, वहीं अभिषेक के परिवार के इस मानवीय फैसले ने समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। अभिषेक अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी आंखों के जरिए उसकी रोशनी किसी और की जिंदगी में हमेशा बनी रहेगी।
Location : Chandauli
Published : 9 September 2026, 4:33 AM IST