जिस बेटी का कर दिया था अंतिम संस्कार, वह गुजरात में जिंदा मिली, गोरखपुर में फिर किसकी लाश मिली थी?

गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र में 30 सितंबर को झाड़ी में मिली युवती की लाश को प्रयागराज के परिवार ने अपनी लापता बेटी प्रीति का समझकर अंतिम संस्कार कर दिया था। अब प्रीति गुजरात के बड़ौदा स्थित नारी संरक्षण केंद्र में जिंदा मिली है। जानिए कैसे उलझा शव की पहचान का मामला और अब पुलिस के सामने क्या चुनौती है...

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 28 October 2026, 11:32 AM IST
Gorakhpur News: गोरखपुर में झाड़ी के अंदर मिली एक युवती की लाश ने पुलिस के सामने ऐसा सवाल खड़ा कर दिया है, जिसका जवाब तलाशना अब चुनौती बन गया है। जिस शव को प्रयागराज के एक परिवार ने अपनी लापता बेटी प्रीति का मानकर अंतिम संस्कार कर दिया था, वह बेटी गुजरात के एक नारी संरक्षण केंद्र में जिंदा मिली है। परिवार बेटी को मृत मानकर अंतिम संस्कार से लेकर तेरहवीं तक की रस्में पूरी कर चुका था। अब प्रीति के जिंदा मिलने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि 30 सितंबर को गुलरिहा क्षेत्र में मिली युवती की लाश आखिर किसकी थी? पुलिस अब नए सिरे से शव की पहचान करने में जुट गई है।

तीन साल पहले घर से लापता हुई थी प्रीति

प्रयागराज के लालगोपालगंज क्षेत्र के उमरावगंज निवासी बनवारी लाल की बेटी प्रीति 13 मई 2023 को अचानक घर से लापता हो गई थी। परिवार ने उसकी तलाश की, लेकिन जब कोई जानकारी नहीं मिली तो नवाबगंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके बाद भी करीब तीन साल तक प्रीति का कोई सुराग नहीं मिला। परिवार को उम्मीद थी कि बेटी किसी दिन वापस लौट आएगी, लेकिन 30 सितंबर 2026 को गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र में एक युवती का शव मिलने की खबर ने सब कुछ बदल दिया।

नाक पर तिल और जलने के निशान देखकर की पहचान

गोरखपुर पुलिस को गुलरिहा क्षेत्र की झाड़ी में युवती का शव मिला था। शव की पहचान कराने के लिए पुलिस ने प्रयागराज के लालगोपालगंज पुलिस को सूचना दी। इसके बाद प्रीति की मां कमला देवी, चचेरा भाई जितेंद्र और भाभी गोरखपुर पहुंचे। परिजनों ने युवती की नाक पर तिल और शरीर पर जलने के निशान देखकर शव को प्रीति का मान लिया।

इसके बाद परिवार ने शव को अपनी बेटी समझकर अंतिम संस्कार कर दिया। मां का डीएनए सैंपल भी लिया गया था, ताकि वैज्ञानिक तरीके से पहचान की पुष्टि की जा सके। हालांकि, डीएनए रिपोर्ट आने से पहले ही परिवार बेटी की मौत मान चुका था। अब प्रीति के जीवित मिलने के बाद शव की पहचान को लेकर पूरा मामला उलझ गया है।

गुजरात के संरक्षण केंद्र में जिंदा मिली प्रीति

24 अक्टूबर को परिवार को ऐसी जानकारी मिली, जिसने उनके होश उड़ा दिए। लालगोपालगंज पुलिस चौकी के दारोगा शुभम ने प्रीति की मां कमला देवी को फोन करके बताया कि उनकी बेटी गुजरात के एक नारी संरक्षण केंद्र में सुरक्षित है। बड़ौदा स्थित केंद्र की काउंसलर तृप्ति पांडेय के मुताबिक, प्रीति पांच अगस्त 2023 को रेलवे स्टेशन के बाहर लावारिस हालत में मिली थी। इसके बाद उसे संरक्षण केंद्र में रखा गया।प्रीति के जिंदा मिलने से परिवार के सामने एक तरफ राहत की स्थिति है, तो दूसरी तरफ उस युवती की पहचान का सवाल खड़ा हो गया है, जिसका अंतिम संस्कार उन्होंने अपनी बेटी समझकर कर दिया था।

अब किसकी थी झाड़ी में मिली लाश?

गुलरिहा क्षेत्र में इससे पहले अप्रैल में नहर से एक महिला और बच्चे का शव भी मिला था। उनकी पहचान भी नहीं हो सकी थी। अब प्रीति के जिंदा मिलने के बाद पुलिस को 30 सितंबर को मिले शव की पहचान नए सिरे से करनी होगी। डीएनए रिपोर्ट इस मामले में अहम साबित हो सकती है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि झाड़ी में मिली युवती कौन थी और परिजनों ने उसे प्रीति कैसे समझ लिया? पुलिस की जांच से ही इस रहस्य से पर्दा उठ सकेगा।

Location :  Gorakhpur

Published :  28 October 2026, 11:32 AM IST