सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न कर रही सत्तालोलुपता, सामाजिक सौहार्द के लिए आगे आएं संगठन: प्रो. जगदीश

प्रतापगढ़ के मनोरथपुर गांव स्थित युवा चेतना मंच के केंद्रीय कार्यालय पर सोमवार को सामाजिक समरसता को लेकर बैठक हुई। वक्ताओं ने बढ़ते जातीय विद्वेष और राजनीतिक स्वार्थ के कारण सामाजिक ताने-बाने को हो रहे नुकसान पर चिंता जताई। बैठक में सभी धर्म और जातियों के प्रबुद्धजनों को शामिल कर सामाजिक समरसता संगोष्ठी आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 14 September 2026, 4:00 PM IST

Pratapgarh: समाज में बढ़ते जातीय विद्वेष और कमजोर होती सामाजिक समरसता को लेकर प्रतापगढ़ में प्रबुद्धजनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चिंता जताई है। मनोरथपुर गांव स्थित युवा चेतना मंच के केंद्रीय कार्यालय पर सोमवार को हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए सामाजिक ताने-बाने से खिलवाड़ समाज के लिए गंभीर खतरा है। बैठक में आपसी भाईचारा मजबूत करने और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने के उद्देश्य से एक वृहद सामाजिक समरसता संगोष्ठी आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

सामाजिक ताने-बाने से खिलवाड़ का आरोप

बैठक के मुख्य वक्ता इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के वाणिज्य संकाय के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. जगदीश नारायण मिश्र ने कहा कि भारतीय संस्कृति मूल रूप से लोक कल्याण की भावना पर आधारित रही है। उनके मुताबिक भारतीय समाज में लंबे समय से अलग-अलग धर्म और जातियों के लोग आपसी समभाव के साथ रहते आए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सरकारों की ओर से अपने राजनीतिक स्वार्थों के चलते सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करने की कोशिश की गई है।

प्रतापगढ़ में छात्र को घेरकर बेल्ट से पीटा, फिर बनाया वीडियो! आखिर बुलेट सवार दबंगों ने क्यों दिखाई ऐसी दबंगई?

सत्तालोलुपता को बताया सामाजिक एकता के लिए घातक

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे एमडीपीजी कॉलेज के वाणिज्य संकाय अध्यक्ष डॉ. छवि नारायण पांडे ने कहा कि केवल सत्ता की चाह के कारण सामाजिक एकता को नुकसान पहुंचाना भविष्य के लिए बेहद घातक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि युवा चेतना मंच लंबे समय से सामाजिक समरसता को बनाए रखने के लिए काम करता रहा है। संगठन की ओर से समाज में भाईचारा और एकता मजबूत करने के प्रयास लगातार किए जाते रहे हैं।

सामाजिक संगठनों से आगे आने की अपील

युवा चेतना मंच के संरक्षक शिव प्रताप पांडे ने कहा कि बढ़ते जातीय विद्वेष को रोकने की जिम्मेदारी केवल सरकारों के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती। इसके लिए समाज के अलग-अलग संगठनों और प्रबुद्ध लोगों को भी आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठनों की सक्रिय भूमिका से लोगों के बीच संवाद बढ़ाया जा सकता है और समाज में आपसी विश्वास को मजबूत किया जा सकता है।

डेढ़ साल की शादी, दहेज की मांग और फिर मायके में मौत; प्रतापगढ़ में विवाहिता की मौत पर उठे सवाल

सभी धर्म और जातियों के प्रबुद्धजनों को बुलाने की तैयारी

युवा चेतना मंच के अध्यक्ष ललित पांडे ने बैठक में आगामी कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संगठन की ओर से जल्द ही एक वृहद सामाजिक समरसता संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। इस संगोष्ठी में सभी जाति, वर्ग और धर्म के प्रबुद्ध एवं गणमान्य लोगों को आमंत्रित किया जाएगा। कार्यक्रम के जरिए अलग-अलग सामाजिक वर्गों के लोगों के बीच संवाद स्थापित करने और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाने के लिए सहयोग की अपील की जाएगी।

Location :  Pratapgarh

Published :  14 September 2026, 4:00 PM IST