चंदौली के डीडीयू जंक्शन पर आरपीएफ और बचपन बचाओ आंदोलन की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस के जनरल कोच से छह नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि बच्चों को गुजरात के बड़ोदरा स्थित सोलर प्लांट में मजदूरी कराने ले जाया जा रहा था।

पुलिस की गिरफ्त में बाल तस्कर
Chandauli: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में मानव तस्करी का एक बड़ा मामला सामने आया है। DDU जंक्शन पर आरपीएफ और बचपन बचाओ आंदोलन की संयुक्त टीम ने सतर्कता दिखाते हुए ट्रेन से छह नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया। सभी बच्चे डरे-सहमे हालत में सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस के जनरल कोच में मिले।
डाइनामाइट न्यूज़ संवददाता के अनुसार, पूछताछ के दौरान बच्चों के साथ मौजूद एक संदिग्ध व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद पूरी सच्चाई सामने आ गई।
जानकारी के मुताबिक, डीडीयू जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या 07 पर आरपीएफ और बचपन बचाओ आंदोलन की टीम नियमित चेकिंग और निगरानी कर रही थी। इसी दौरान सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस ट्रेन के जनरल कोच में कुछ नाबालिग बच्चे संदिग्ध स्थिति में बैठे दिखाई दिए। बच्चों के चेहरे पर डर साफ झलक रहा था, जिससे टीम को शक हुआ।
RPF के जवानों ने जब बच्चों से बातचीत की तो उनके जवाबों में असमंजस नजर आया। वहीं उनके साथ मौजूद एक व्यक्ति से जब सख्ती से पूछताछ की गई तो मामले का खुलासा हुआ। जांच में पता चला कि बच्चों को गुजरात राज्य के बड़ोदरा में स्थित एक सोलर प्लांट में मजदूरी कराने के लिए ले जाया जा रहा था।
बताया जा रहा है कि पकड़ा गया व्यक्ति बच्चों को काम दिलाने के नाम पर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जा रहा था। आशंका जताई जा रही है कि यह मानव तस्करी से जुड़ा मामला हो सकता है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस आगे की जांच कर रही है।
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RPF की तत्परता से सभी छह नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। इसके बाद उन्हें डीडीयू जंक्शन स्थित चाइल्ड हेल्प डेस्क को सुपुर्द कर दिया गया, जहां से आगे की कानूनी प्रक्रिया और काउंसलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इस पूरे मामले में पकड़े गए संदिग्ध मानव तस्कर को आरपीएफ ने मुगलसराय कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और अब तक कितने बच्चों को इस तरह बाहर ले जाया गया है।
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RPF इंस्पेक्टर प्रदीप रावत ने बताया कि रेलवे स्टेशनों पर लगातार निगरानी और चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है, ताकि मानव तस्करी जैसी घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि समय रहते कार्रवाई होने से छह मासूम बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया, जो किसी बड़े शोषण का शिकार हो सकते थे। फिलहाल बच्चों की पहचान और उनके परिजनों से संपर्क करने की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन का कहना है कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।