Bihar: चंपारण में गंडक नदी का तटबंध टूटा, रिहायशी इलाकों की ओर तेजी से बढ़ रहा बाढ़ का पानी

चंपारण में गंडक नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। तटबंध टूटने के बाद अब बाढ़ का पानी तेजी से आबादी की ओर बढ़ रहा है। वाल्मीकि नगर बराज से पानी छोड़े जाने के बाद हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 28 September 2026, 11:30 PM IST

champaran: बिहार के चंपारण से इस वक्त बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। वाल्मीकि नगर स्थित गंडक बराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद गंडक नदी का जलस्तर और प्रवाह तेज हो गया। इसी बीच चखनी-खैरटवा के पास चंपारण तटबंध तेज जल प्रवाह का दबाव नहीं झेल सका और टूट गया। तटबंध टूटते ही नदी का पानी तेजी से आसपास के रिहायशी इलाकों और गांवों की ओर फैलने लगा है।

घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल है। बताया जा रहा है कि सोमवार सुबह वाल्मीकि नगर स्थित गंडक बराज से करीब 5.43 लाख क्यूसेक पानी का भारी डिस्चार्ज किया गया था। पानी के इस तेज बहाव के बाद नदी का दबाव लगातार बढ़ता गया। शाम होते-होते चखनी-खैरटवा के पास तटबंध टूट गया।

बांध टूटने के बाद पानी तेजी से निचले इलाकों की तरफ बढ़ रहा है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।

 

तटबंध टूटने की सूचना मिलते ही पहुंचा प्रशासन

तटबंध टूटने की सूचना मिलते ही प्रशासन और जल संसाधन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की टीम स्थिति का जायजा ले रही है और पानी के फैलाव को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता नेमी शरण ने तटबंध टूटने की पुष्टि की है।

ग्रामीणों को आशंका है कि यदि पानी का बहाव इसी गति से जारी रहा तो आसपास के और इलाकों में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर सकता है।

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चंपारण में गंडक का कहर

निरीक्षण के कुछ घंटे बाद ही टूट गया तटबंध

इस घटना ने प्रशासनिक तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, रविवार को पंचायती राज अधिकारी सौरव आलोक की अगुवाई में टीम ने इस तटबंध का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान बगहा-1 के बीडीओ प्रदीप कुमार और सीओ रवि भूषण कुमार गौरव समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।

बताया जा रहा है कि निरीक्षण के अगले ही दिन सोमवार शाम तटबंध टूट गया। इससे स्थानीय स्तर पर तटबंध की स्थिति और बाढ़ से निपटने की तैयारियों को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

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पहले भी टूट चुके हैं तटबंध

चंपारण में तटबंध टूटने की यह घटना नई नहीं है। इससे पहले भी तटबंध टूटने के कारण आसपास के गांवों में बाढ़ का पानी घुस चुका है और लोगों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा था। ऐसे में एक बार फिर तटबंध टूटने से ग्रामीणों के सामने पुराना संकट खड़ा हो गया है।

फिलहाल प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं। सबसे बड़ी चिंता यह है कि तटबंध टूटने के बाद पानी कितनी तेजी से और कितने बड़े इलाके में फैलता है। स्थानीय लोगों की नजर अब प्रशासन की राहत और बचाव तैयारियों पर टिकी है।

Location :  champaran

Published :  28 September 2026, 11:22 PM IST