सुल्तानपुर में शिक्षकों की आवाज नहीं सुनी तो 22 सितंबर को होगा हंगामा, वेतन के साथ ग्रेच्युटी और पेंशन के लिए भटक रहे टीचर

सुल्तानपुर में बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की लंबित समस्याओं और देयकों को लेकर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने ज्ञापन सौंपा। संघ ने अवशिष्ट वेतन, जीपीएफ, ग्रेच्युटी, पेंशन, एनपीएस और प्रान से जुड़े मामलों के जल्द निस्तारण की मांग की है। 21 सितंबर तक समाधान नहीं होने पर 22 सितंबर को धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी गई...

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 15 September 2026, 11:32 PM IST

Sultanpur News: सुल्तानपुर में बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की लंबित समस्याओं और भुगतान को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। मंगलवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने इन मामलों के जल्द निस्तारण की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया। जिलाध्यक्ष दिलीप पाण्डेय के नेतृत्व में संघ के प्रतिनिधिमंडल ने वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा राम बचन राम को ज्ञापन सौंपा। संघ ने चेतावनी दी कि अगर 21 सितंबर तक लंबित समस्याओं का ठोस समाधान नहीं हुआ तो 22 सितंबर को कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

वर्षों से लंबित हैं शिक्षकों के कई मामले

संघ के जनपदीय प्रवक्ता निजाम खान ने बताया कि शिक्षकों के अवशिष्ट वेतन, जीपीएफ अग्रिम, सामूहिक बीमा, जीपीएफ लेखा पर्ची, नोशनल पेंशन और ग्रेच्युटी समेत कई मामले लंबे समय से लंबित हैं। इसके अलावा जीपीएफ से एनपीएस में स्थानांतरित धनराशि को वापस जीपीएफ खाते में भेजने, ऑनलाइन आवेदनों के निस्तारण और नवीन प्रान आवंटन से जुड़े मामले भी लंबित बताए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ही विद्यालय के शिक्षकों का एक ही आदेश से अवरुद्ध और बहाल वेतन का अवशिष्ट भुगतान भी अलग-अलग तरीके से किया जा रहा है। संघ का कहना है कि जीपीएफ अग्रिम, सामूहिक बीमा, ग्रेच्युटी और दूसरे देयकों की पत्रावलियां लंबित रहने से शिक्षक और सेवानिवृत्त कर्मचारी परेशान हैं।

संवाद के बाद भी समाधान नहीं, अब आंदोलन की चेतावनी

निजाम खान ने कहा कि संघ लगातार औपचारिक और अनौपचारिक संवाद के जरिए समस्याओं के समयबद्ध और पारदर्शी समाधान की मांग करता रहा है। इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से शिक्षकों में आक्रोश बढ़ रहा है। जिलाध्यक्ष दिलीप पाण्डेय ने कहा कि शिक्षकों को अपने वैधानिक देयकों के लिए वर्षों तक कार्यालयों के चक्कर लगाना पड़े, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि संघ ने हमेशा बातचीत के जरिए समस्याओं के समाधान की कोशिश की है, लेकिन अब लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण जरूरी है।

22 सितंबर को धरने की चेतावनी

संघ पदाधिकारियों ने कहा कि यदि 21 सितंबर तक प्रमुख समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो 22 सितंबर को अपराह्न तीन बजे वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरेंद्र नारायण मिश्र ने कहा कि जीपीएफ, ग्रेच्युटी, सामूहिक बीमा, अवशिष्ट वेतन और पेंशन से जुड़े मामलों को लंबित रखना शिक्षकों के हित में नहीं है। जिला मंत्री डॉ. हृषिकेश भानु सिंह ने कहा कि शिक्षक संघ लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपनी मांगें उठाता रहा है। उन्होंने कहा कि 22 सितंबर का धरना समस्याओं का समाधान नहीं होने की स्थिति में मजबूरी में उठाया जाने वाला कदम होगा।

एनपीएस और प्रान से जुड़ी समस्याएं भी उठीं

कोषाध्यक्ष जय प्रकाश वर्मा ने नवीन प्रान आवंटन, आवंटित पीआरएएन नंबर और कार्ड उपलब्ध कराने तथा एनपीएस कटौती से संबंधित समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की। संघ ने कार्यालय की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने और लंबित प्रकरणों का निर्धारित समयसीमा में निस्तारण करने पर जोर दिया। प्रतिनिधिमंडल में संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ विभिन्न ब्लॉकों के अध्यक्ष, मंत्री और अन्य पदाधिकारी शामिल रहे। संघ के अनुसार ज्ञापन सौंपने के दौरान सैकड़ों पदाधिकारी मौजूद रहे।

Location :  Sultanpur

Published :  15 September 2026, 11:32 PM IST