
सहसवान की डार्लिंग रोड पर जलभराव (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज)
Budaun: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के सहसवान में विकास के दावों के बीच डार्लिंग रोड की बदहाल स्थिति लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। सड़क पर कई महीनों से पानी जमा होने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों के लिए भी इस रास्ते से गुजरना आसान नहीं है। वहीं, प्रमोद संस्कृत महाविद्यालय का मैदान पानी भरने से तालाब जैसा नजर आ रहा है। ऐसे में नगर पालिका परिषद की जल निकासी व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
बदायूं जिले के सहसवान नगर में डार्लिंग रोड की स्थिति लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। सड़क के एक हिस्से में लगातार पानी जमा रहने से करीब 100 मीटर तक रास्ते की हालत खराब हो गई है। स्थानीय लोगों को रोजाना इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है, लेकिन जलभराव के कारण उनका आवागमन मुश्किल हो रहा है।
सहसवान को मिनी स्मार्ट सिटी के रूप में देखा जाता है। ऐसे में लोगों को बेहतर सड़कें, साफ-सफाई और जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं की उम्मीद रहती है। हालांकि, डार्लिंग रोड की मौजूदा स्थिति इन उम्मीदों पर सवाल खड़े कर रही है। लोगों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि कई महीनों से परेशानी बनी हुई है, लेकिन इसका स्थायी समाधान होता दिखाई नहीं दे रहा।
डार्लिंग रोड से प्रमोद संस्कृत महाविद्यालय और रानी लक्ष्मीबाई स्कूल आने-जाने वाले विद्यार्थी भी गुजरते हैं। सुबह स्कूल जाते समय और छुट्टी के बाद घर लौटते वक्त बच्चों को जलभराव वाले रास्ते से निकलना पड़ता है। सड़क पर पानी भरा होने से उन्हें आवागमन में परेशानी होती है।
इस स्थिति से अभिभावकों की चिंता भी बढ़ सकती है। पानी जमा रहने के कारण सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। ऐसे में बच्चों के फिसलने या किसी वाहन की चपेट में आने का खतरा बना रहता है। स्थानीय निकाय और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है कि बच्चों को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराया जाए, ताकि उन्हें रोजाना ऐसी मुश्किलों का सामना न करना पड़े।
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डार्लिंग रोड पर जलभराव का असर प्रमोद संस्कृत महाविद्यालय के मैदान पर भी दिखाई दे रहा है। मैदान में पानी जमा होने से वहां तालाब जैसी स्थिति बन गई है। इससे खेलकूद और अन्य गतिविधियों के लिए मैदान का इस्तेमाल करना मुश्किल हो गया है।
खेल का मैदान बच्चों और युवाओं के शारीरिक विकास के लिए महत्वपूर्ण होता है। यहां पानी जमा रहने से न केवल खेलकूद प्रभावित होता है, बल्कि मैदान की साफ-सफाई और उपयोग को लेकर भी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। ऐसे में जल निकासी की उचित व्यवस्था करना जरूरी है। सवाल यह है कि मैदान से पानी निकालने और भविष्य में ऐसी स्थिति रोकने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
रोड पर महीनों से जमा पानी (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज)
डार्लिंग रोड पर जलभराव केवल परेशानी का मामला नहीं है, बल्कि यह सड़क सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। पानी के नीचे सड़क में बने गड्ढे या क्षतिग्रस्त हिस्से दिखाई नहीं देते। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ने और दुर्घटना होने की आशंका बढ़ जाती है।
स्थानीय स्तर पर बाइक सवारों के घायल होने और ई-रिक्शा पलटने की घटनाओं की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, इन घटनाओं के संबंध में आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। फिर भी सड़क पर लंबे समय से पानी जमा रहने की स्थिति दुर्घटनाओं के खतरे को नजरअंदाज नहीं करने देती। संबंधित विभाग को जलभराव दूर करने के साथ सड़क की स्थिति की भी जांच करनी चाहिए।
स्थानीय लोगों की परेशानी इसलिए भी गंभीर सवाल खड़े करती है, क्योंकि बताया जा रहा है कि संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी, अन्य प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी इसी मार्ग से गुजरते हैं। उपजिलाधिकारी कार्यालय की ओर जाने वाले लोगों को भी इस सड़क की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।
ऐसे में सवाल उठता है कि जब यह समस्या इतने समय से बनी हुई है, तो इसके समाधान के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए। क्या संबंधित अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया है? क्या नगर पालिका को जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं? यदि कार्रवाई हुई है, तो उसका असर जमीन पर क्यों दिखाई नहीं दे रहा? इन सवालों के जवाब मिलने से ही समस्या के समाधान की दिशा स्पष्ट हो सकेगी।
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सहसवान को मिनी स्मार्ट सिटी का दर्जा दिए जाने के बीच डार्लिंग रोड की हालत नगर की बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान देने की जरूरत को उजागर करती है। किसी भी शहर या कस्बे के विकास का आकलन केवल योजनाओं और घोषणाओं से नहीं, बल्कि वहां रहने वाले लोगों को मिलने वाली सुविधाओं से होता है।
साफ सड़कें, व्यवस्थित नालियां, पानी की उचित निकासी और सुरक्षित आवागमन नागरिकों की बुनियादी जरूरतें हैं। यदि किसी प्रमुख रास्ते पर महीनों तक जलभराव बना रहता है और बच्चों से लेकर वाहन चालकों तक को परेशानी उठानी पड़ती है, तो संबंधित व्यवस्था की समीक्षा जरूरी हो जाती है। लोगों को उम्मीद है कि नगर पालिका परिषद सहसवान इस समस्या को गंभीरता से लेकर राहत दिलाने के लिए कदम उठाएगी।
डार्लिंग रोड की स्थिति को लेकर नगर पालिका परिषद सहसवान की जिम्मेदारी पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों की मांग है कि पहले सड़क पर जमा पानी निकलवाया जाए और उसके बाद जल निकासी की व्यवस्था में मौजूद कमियों को दूर किया जाए। साथ ही, नालियों की सफाई और सड़क की मरम्मत पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। प्रमोद संस्कृत महाविद्यालय के मैदान से पानी निकालने की व्यवस्था करना भी जरूरी है, ताकि बच्चों और युवाओं की गतिविधियां प्रभावित न हों। यदि जल निकासी में त
Location : Budaun
Published : 29 October 2026, 4:24 PM IST
Topics : Budaun News Darling Road Waterlogging Rani Lakshmi Bai School road safety Waterlogging Problem