
गैस एजेंसी (Img : Google)
Gorakhpur : गोरखपुर में गैस वितरण व्यवस्था की बदहाली अब गैस एजेंसी पर भारी पड़ गई है। लंबे समय से उपभोक्ताओं को परेशान करने के आरोपों के बीच भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने गंगा गैस एजेंसी पर 33 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। एजेंसी पर आरोप है कि उसने होम डिलीवरी व्यवस्था को लगभग ठप कर दिया था और लोगों को खुद गोदाम पहुंचकर सिलेंडर लेने के लिए मजबूर किया जा रहा था। हालात इतने खराब हो गए थे कि लोग शाम से ही लाइन लगाकर पूरी रात गोदाम के बाहर बिताने को मजबूर थे।
स्थानीय उपभोक्ताओं के मुताबिक गैस सिलेंडर पाने के लिए घंटों नहीं बल्कि पूरी रात इंतजार करना पड़ता था। दूरदराज इलाकों से आने वाले लोग रात में ही लाइन लगाते थे ताकि सुबह नंबर आ सके। सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों वाले परिवारों को हुई। कई बार पूरी रात इंतजार करने के बाद भी लोगों को यह कहकर वापस भेज दिया जाता था कि स्टॉक खत्म हो गया है।
सूत्रों के मुताबिक एजेंसी के खिलाफ काफी समय से शिकायतें लगातार बीपीसीएल अधिकारियों तक पहुंच रही थीं। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया था कि एजेंसी जानबूझकर होम डिलीवरी सेवा नहीं दे रही थी और वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता भी नहीं बरती जा रही थी। जांच के दौरान एजेंसी कर्मचारियों पर अभद्र व्यवहार के आरोप भी सामने आए। अधिकारियों को यह भी जानकारी मिली कि कृत्रिम भीड़ और लंबी लाइनें लगवाकर वितरण किया जा रहा था, जो कंपनी की गाइडलाइन के खिलाफ है।
जांच रिपोर्ट में शिकायतें सही पाए जाने के बाद बीपीसीएल ने इसे गंभीर लापरवाही और उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन माना। कंपनी ने कहा है कि होम डिलीवरी जैसी जरूरी सेवा में लापरवाही किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही चेतावनी दी गई है कि भविष्य में दोबारा ऐसी शिकायत मिलने पर एजेंसी का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।
बीपीसीएल की इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में राहत की उम्मीद जगी है। उपभोक्ताओं का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई होती रहती तो लोगों को इतनी परेशानी नहीं झेलनी पड़ती। वहीं विशेषज्ञ इस कार्रवाई को दूसरी गैस एजेंसियों के लिए भी बड़ा संदेश मान रहे हैं कि उपभोक्ता हितों की अनदेखी अब महंगी साबित हो सकती है।
Location : Gorakhpur
Published : 22 May 2026, 7:10 PM IST