कुशीनगर में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए डीएम महेन्द्र सिंह तंवर ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत बड़ी कार्रवाई की है। विभिन्न थाना क्षेत्रों के 17 लोगों को छह महीने के लिए जिला बदर कर दिया गया है और बिना अनुमति जिले में प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।

IAS Mahendra Singh Tanwar
Kushinagar News: कुशीनगर में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर प्रशासन ने कड़ा शिकंजा कस दिया है। लगातार मिल रही आपराधिक गतिविधियों और असामाजिक तत्वों की हरकतों को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 17 लोगों को जिले से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। डीएम महेन्द्र सिंह तंवर ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत इन सभी को छह महीने के लिए जिला बदर करने का आदेश जारी किया है।
कुशीनगर में अपराधियों पर सख्ती
जनपद कुशीनगर में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला मजिस्ट्रेट महेन्द्र सिंह तंवर ने उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम 1970 के तहत विभिन्न थाना क्षेत्रों के 17 व्यक्तियों को गुंडा घोषित करते हुए उन्हें छह माह के लिए जनपद कुशीनगर की सीमा से निष्कासित करने का आदेश जारी किया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया है।
17 लोग छह माह के लिए जिला बदर
जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में इन सभी मामलों की पुलिस रिपोर्ट, उपलब्ध अभिलेखों और विभिन्न आपराधिक प्रकरणों की गहन जांच की गई। सुनवाई के बाद जारी नोटिसों की पुष्टि करते हुए अदालत ने इन व्यक्तियों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई को उचित माना और आदेश पारित कर दिया। प्रशासन का कहना है कि इन लोगों की गतिविधियां लगातार कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन रही थीं, इसलिए यह कदम उठाया गया है।
इन लोगों को किया जिला बदर
जिन व्यक्तियों को जिला बदर किया गया है। उनमें साकीर अली, सत्येन्द्र, भुआल, गुलाब जायसवाल, सूरज चौधरी, कल्याण सिंह उर्फ डॉक्टर, विपिन तिवारी, रामकृपाल यादव उर्फ धमारी, निलेश चौबे, हिदायतुल्लाह अंसारी, खुर्शीद उर्फ सोनू, यासीन, मेहताब अंसारी, गिरीश सिंह, दीपक सिंह, बुन्ने सिंह और किशन उर्फ कृष्णा शामिल हैं। ये सभी अलग-अलग थाना क्षेत्रों के निवासी बताए गए हैं और लंबे समय से विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए गए थे।
डीएम महेन्द्र सिंह तंवर का सख्त आदेश
डीएम महेन्द्र सिंह तंवर ने पुलिस अधीक्षक और संबंधित थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि आदेश का सख्ती से पालन कराया जाए और इसकी अनुपालन रिपोर्ट न्यायालय को उपलब्ध कराई जाए। जिला प्रशासन ने साफ कहा है कि जनपद में शांति व्यवस्था भंग करने वाले और आपराधिक गतिविधियों में शामिल असामाजिक तत्वों के खिलाफ आगे भी इसी तरह कड़ी और लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। जिससे आम लोगों को सुरक्षित और भयमुक्त माहौल मिल सके।