बरेली के शॉपिंग मॉल की एक लापरवाही ने शहर में मचाया भारी बवाल, उठाना पड़ा यह बड़ा कदम

बरेली के एक नामी मॉल में अचानक उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब वहाँ बिक्री के लिए रखी एक खास चीज पर लोगों की नजर पड़ी। देखते ही देखते विरोध इतना बढ़ गया कि प्रबंधन को रातोंरात पूरा स्टॉक हटाना पड़ा। आखिर क्या था उस सामान पर? जानने के लिए पूरी खबर पढ़ें।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 14 July 2026, 12:49 PM IST

Bareilly: उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में स्थित एलए सिटी सेंटर मॉल उस समय अचानक विवादों के केंद्र में आ गया, जब वहाँ बिक्री के लिए रखी गई खेल सामग्री को लेकर भारी हंगामा खड़ा हो गया। मॉल के भीतर फुटबॉल पर इस्लामी आस्था से जुड़े पवित्र ‘कलमा’ के मुद्रित होने का मामला प्रकाश में आया है। जैसे ही यह बात आम हुई, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचने का आरोप लगाते हुए तीखा विरोध शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मॉल प्रबंधन को आनन-फानन में बड़ा कदम उठाना पड़ा।

आरएसी ने दर्ज कराया कड़ा विरोध, मॉल में मची खलबली

इस पूरे मामले की जानकारी मिलते ही ऑल इंडिया रज़ा एक्शन कमेटी (आरएसी) तुरंत सक्रिय हो गई। संगठन ने इसे अपनी धार्मिक आस्था का सीधा अपमान बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई। आरएसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अदनान रजा कादरी के निर्देश पर संगठन का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल तुरंत एलए सिटी सेंटर मॉल पहुँचा। मॉल परिसर में संगठन के पदाधिकारियों के पहुँचते ही प्रबंधन और सुरक्षाकर्मियों में खलबली मच गई। प्रतिनिधिमंडल ने तुरंत मॉल प्रशासन के सामने अपनी गंभीर आपत्ति दर्ज कराई और इस आपत्तिजनक सामग्री को हटाने की मांग की।

यह भी पढ़ें-देवरिया के 5 विद्यालयों में हड़कंप, DM ने कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्राओं से पूछे गणित के सवाल

मॉल प्रबंधन का बड़ा फैसला

धार्मिक संगठन के तीखे तेवर और मामले की संवेदनशीलता को भांपते हुए मॉल प्रबंधन ने बिना कोई देरी किए बड़ा फैसला लिया। मॉल प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विवादित फुटबॉल के पूरे स्टॉक को तत्काल प्रभाव से बिक्री के शेल्फ से हटा दिया। इसके साथ ही प्रबंधन ने इस उत्पाद को बनाने वाली निर्माता कंपनी और सप्लाई करने वाले वितरक (डिस्ट्रीब्यूटर) को एक सख्त ईमेल भेजकर इस घोर लापरवाही पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। मॉल की ओर से साफ किया गया कि ऐसी किसी भी सामग्री की बिक्री को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा जिससे समाज की शांति भंग हो।

निर्माता और वितरक के खिलाफ पुलिस में तहरीर

इस मामले को लेकर केवल मॉल के भीतर ही नहीं, बल्कि कानूनी मोर्चे पर भी कदम उठाए गए हैं। आरएसी ने इस पूरे कृत्य को सोची-समझी साजिश और धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताते हुए शहर कोतवाली में एक लिखित तहरीर दी है। संगठन ने मांग की है कि इस फुटबॉल का निर्माण करने वाली कंपनी, इसे बाजार में सप्लाई करने वाले वितरक और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अन्य सभी पक्षों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। संगठन का तर्क है कि खेल जैसी गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं पर इस तरह के पवित्र शब्दों का मुद्रण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

यह भी पढ़ें-CRPF ने सेवा के दौरान आंख गंवाने वाले ड्राइवर को निकाला, सुप्रीम कोर्ट ने लगाया 1.25 करोड़ का जुर्माना

पुलिस जांच शुरू

विवाद बढ़ने के बाद आरएसी ने आम जनता और खेल प्रेमियों से भी एक विशेष अपील जारी की है। संगठन ने कहा है कि यदि किसी नागरिक ने अनजाने में यह फुटबॉल खरीद ली है, तो वे इसका इस्तेमाल खेलने या पैरों से छूने के लिए बिल्कुल न करें। संगठन ने ऐसे सभी फुटबॉल को वापस लेने की पेशकश भी की है। उन्होंने कहा कि जो लोग इसे वापस करेंगे, संगठन उन फुटबॉलों को अपने पास रखकर अत्यंत सम्मानजनक और धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उनका निस्तारण (Disposal) सुनिश्चित कराएगा।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें आरएसी की ओर से शिकायत पत्र मिल चुका है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपों की सत्यता के आधार पर नियमानुसार आगे की सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।

Location :  Bareilly

Published :  14 July 2026, 12:49 PM IST