Balrampur PNB Scam: 12 करोड़ के महाघोटाले में सिस्टम का एक और मोहरा गिरफ्तार, लखनऊ में दबोचा गया लोन अप्रूवर अधिकारी

पुलिस ने पंजाब नेशनल बैंक की नहरबालागंज शाखा में हुए 12 करोड़ रुपये से अधिक के सनसनीखेज लोन घोटाले का पर्दाफाश करते हुए एक और प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान विनय शर्मा के रूप में हुई है, जो बैंक में लोन अप्रूवर अधिकारी (लेवल एस-1) के पद पर कार्यरत था।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 15 January 2026, 3:32 PM IST

Balrampur: बलरामपुर पुलिस ने पंजाब नेशनल बैंक की नहरबालागंज शाखा में हुए 12 करोड़ रुपये से अधिक के सनसनीखेज लोन घोटाले का पर्दाफाश करते हुए एक और प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी दर्शाती है कि बैंक के आंतरिक तंत्र में सेंध लगाकर किस प्रकार सुनियोजित तरीके से सरकारी धन का गबन किया गया।

गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान विनय शर्मा के रूप में हुई है, जो बैंक में लोन अप्रूवर अधिकारी (लेवल एस-1) के पद पर कार्यरत था। उसे लखनऊ के चिनहट इलाके से गिरफ्तार कर बुधवार को स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया।

पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि यह धोखाधड़ी तत्कालीन शाखा प्रबंधक महेश त्रिपाठी और उसके सहयोगियों की मिलीभगत से की गई थी। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों का सहारा लिया।
एसपी ने बताया कि आरोपी विनय शर्मा, अपनी आधिकारिक पहुंच का दुरुपयोग करते हुए, बैंक के सॉफ्टवेयर में फर्जी भारतीय जीवन बीमा निगम पॉलिसी नंबर दर्ज करता था। यह कदम ऋण स्वीकृति की प्रारंभिक प्रक्रिया को पूरा करने के लिए उठाया जाता था। एक बार जब विनय शर्मा द्वारा सिस्टम में गलत एंट्री हो जाती, तो शाखा प्रबंधक द्वारा ऋण को अंतिम मंजूरी दे दी जाती थी।
इस तरीके से बिना किसी सक्षम अधिकारी की वास्तविक अनुमति के कुल 86 फर्जी ऋण खाते खोले गए। जिससे 46 सामान्य लोन खातों के माध्यम से 8 करोड़ रुपयों से अधिक व 40 मुद्रा लोन खातों के माध्यम से लगभग चार करोड़ का गबन किया गया।
जांच में सामने आया है कि लोन की यह राशि नकद और अकाउंट ट्रांसफर के ज़रिए पीएसपी कंस्ट्रक्शंस नामक फर्म से जुड़े लोगों तक पहुंचाई गई।
इस मामले की शुरुआत पीएनबी के अयोध्या स्थित सर्किल कार्यालय की एक विभागीय जांच के बाद हुई, जिसमें शाखा में गंभीर अनियमितताएं पाई गई थीं। इसके बाद कोतवाली नगर थाने में मामला दर्ज किया गया।
पुलिस इस मामले में पहले ही तीन अन्य आरोपियों तत्कालीन शाखा प्रबंधक महेश त्रिपाठी, समरजीत सिंह और संतोष कुमार सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
एसपी विकास कुमार ने सख्त लहजे में कहा कि बैंक घोटाले से जुड़े सभी आरोपियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की टीमें फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हैं और गबन की गई धनराशि की रिकवरी के प्रयास भी युद्धस्तर पर किए जा रहे हैं।

Location : 
  • Balrampur

Published : 
  • 15 January 2026, 3:32 PM IST