Balrampur: बलरामपुर में ‘मौत का अस्पताल’: बिना डिग्री कर रहे थे ऑपरेशन, प्रशासन ने किया कुर्क

बलरामपुर के मेदिवे हॉस्पिटल को प्रशासन ने सील कर दिया है। यहाँ बिना डिग्री के प्रैक्टिस कर रहे फर्जी डॉक्टरों ने एक महिला के पेट में रुई छोड़ दी थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अस्पताल कुर्क किया है।

Updated : 5 May 2026, 7:41 AM IST
Balrampur: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जीवाड़े के दम पर संचालित हो रहे मेदिवे हॉस्पिटल को सील कर दिया है।
जिलाधिकारी के कड़े रुख के बाद हुई इस कार्रवाई ने जिले के अवैध चिकित्सा केंद्रों और बिना डिग्री मरीजों का उपचार करने वाले झोलाछाप डॉक्टरों के बीच हड़कंप मचा दिया है। उतरौला रोड स्थित इस अस्पताल में निरीक्षण के दौरान प्रशासन को चौंकाने वाली अनियमितताएं मिलीं, जहां मरीजों की जिंदगी के साथ सरेआम खिलवाड़ किया जा रहा था।
मामले का खुलासा तब हुआ जब स्वास्थ्य विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण के दौरान पाया कि डॉ. संतोष कुमार यादव और डॉ. प्रतिभा यादव बिना किसी वैध एलोपैथिक डिग्री के न केवल मरीजों का उपचार कर रहे थे, बल्कि गंभीर ऑपरेशन भी अंजाम दे रहे थे।
इन फर्जी डॉक्टरों की लापरवाही का शिकार बनी अंजू देवी नामक महिला की सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने संवेदनहीनता की पराकाष्ठा पार करते हुए उसके पेट में रुई छोड़ दी थी। स्थिति बिगड़ने पर जब महिला का दूसरे अस्पताल में परीक्षण कराया गया, तब इस जानलेवा लापरवाही का पर्दाफाश हुआ।
प्रशासनिक टीम ने मौके से भारी मात्रा में अवैध दवाएं, ऑक्सीजन सिलेंडर और सर्जिकल उपकरण जब्त कर अस्पताल परिसर को तत्काल प्रभाव से कुर्क कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक तहरीर पर कोतवाली देहात पुलिस ने मुख्य आरोपियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता के स्वास्थ्य से समझौता करने वाले किसी भी अवैध संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा और झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध यह दंडात्मक अभियान भविष्य में भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।

Location :  Balrampur

Published :  5 May 2026, 7:41 AM IST