हिंदी
दांडी बम की कठिन तपस्या (Img: Dynamite News)
Deoghar: झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में आस्था और भक्ति की अनूठी तस्वीर देखने को मिलती है। यहां बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलार्पण के लिए सालभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। कोई पैदल यात्रा कर बाबा के दरबार पहुंचता है, तो कोई दांडी बम बनकर दंडवत करते हुए अपनी कठिन साधना पूरी करता है। वहीं, डाक बम श्रद्धालु निर्धारित समय के भीतर जल चढ़ाने का संकल्प लेकर यात्रा करते हैं। सावन के साथ-साथ दुर्गा पूजा के दौरान भी बाबा नगरी भक्ति के रंग में रंगी नजर आती है।
बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा में दांडी बम श्रद्धालुओं की साधना खास आकर्षण का केंद्र है। दांडी बम बनने वाले भक्त दंडवत करते हुए अपनी यात्रा आगे बढ़ाते हैं। यह सफर शारीरिक रूप से कठिन होता है, लेकिन श्रद्धालुओं का मानना है कि बाबा के प्रति अटूट विश्वास उन्हें आगे बढ़ने की शक्ति देता है।
एक दांडी बम श्रद्धालु के मुताबिक, सुल्तानगंज से देवघर और फिर बासुकिनाथ तक की यात्रा पूरी करने में करीब एक महीने का समय लग जाता है। लंबी दूरी को दंडवत करते हुए तय करना धैर्य, संयम और समर्पण की परीक्षा है। इसके बावजूद श्रद्धालु अपनी मन्नत और आस्था के साथ यात्रा जारी रखते हैं।
देवघर में दुर्गा पूजा के दौरान सफाई व्यवस्था ठप, कचरे के ढेर के बीच स्वच्छता के दावों की खुली पोल
बाबा बैद्यनाथ धाम में जल चढ़ाने के लिए श्रद्धालु बिहार के सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर यात्रा शुरू करते हैं। सुल्तानगंज से देवघर की दूरी करीब 105 किलोमीटर है। भक्त इस रास्ते को पैदल तय करते हुए बाबा के दरबार पहुंचते हैं और जलार्पण करते हैं।
इस यात्रा में कांवड़िये, पैदल चलने वाले श्रद्धालु और अलग-अलग संकल्प लेकर निकले भक्त शामिल होते हैं। हर श्रद्धालु का तरीका अलग हो सकता है, लेकिन मंजिल बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलार्पण ही होती है।
बाबा बैद्यनाथ धाम में जल चढ़ाने के बाद कई श्रद्धालु देवघर से करीब 45 किलोमीटर दूर स्थित बासुकिनाथ धाम की यात्रा भी करते हैं। वहां भगवान शिव को जल अर्पित कर अपनी धार्मिक यात्रा पूरी करते हैं। कुछ भक्त यह दूरी पैदल तय करते हैं, जबकि दांडी बम श्रद्धालु दंडवत करते हुए आगे बढ़ते हैं।
40 साल तक की सेवा, फिर भी पेंशन का इंतजार! देवघर में बुजुर्ग कर्मचारियों की बढ़ी परेशानी
देवघर में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए साल के अलग-अलग समय में श्रद्धालु पहुंचते हैं। सावन के महीने में यहां विशेष धार्मिक उत्साह दिखाई देता है, वहीं दुर्गा पूजा के दौरान भी बाबा नगरी में भक्ति और श्रद्धा का माहौल बना रहता है। श्रद्धालुओं की यह यात्रा केवल दूरी तय करने का सफर नहीं, बल्कि उनके विश्वास, संकल्प और समर्पण से जुड़ा अनुभव भी है।
Location : Deoghar
Published : 15 October 2026, 2:28 PM IST