
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खां(Source: Dynamite News)
Rampur: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खां के खिलाफ रामपुर की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही कानूनी कार्यवाही मंगलवार को टल गई। मामला जिला जेल के फांसीघर की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और उसकी खरीद-फरोख्त से जुड़ा है। सुनवाई के दौरान आजम खां सीतापुर जिला कारागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए। अदालत में उनके खिलाफ आरोप तय किए जाने थे, लेकिन उनके अधिवक्ता द्वारा स्थगन प्रार्थना पत्र देकर समय मांगे जाने के बाद न्यायाधीश ने अगली सुनवाई के लिए 11 मई की तिथि निर्धारित कर दी है।
यह पूरा विवाद सितंबर 2019 में तब शुरू हुआ था, जब तत्कालीन नायब तहसीलदार कृष्ण गोपाल मिश्रा ने गंज कोतवाली में 37 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस की जांच और विवेचना के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी कर फांसीघर की बेशकीमती सरकारी जमीन को निजी व्यक्तियों को बेच दिया गया था।
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पूछताछ के दौरान कई खरीदारों ने खुलासा किया कि उन्होंने आजम खां के इशारे पर ही यह जमीन खरीदी थी। इसी आधार पर पुलिस ने चार्जशीट में आजम खां का नाम धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत शामिल किया है।
आजम खां की मुश्किलें केवल जमीन विवाद तक ही सीमित नहीं रहीं; मंगलवार को ही उनके खिलाफ चल रहे भड़काऊ भाषण के दो अन्य मामलों में भी सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी। ये मामले 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान बिलासपुर और शाहबाद में दर्ज किए गए थे। बिलासपुर वाले मामले में अदालत ने उस चुनावी जनसभा की सीडी तलब की है, जिसमें कथित तौर पर विवादित टिप्पणी की गई थी। इसके अलावा, गंज कोतवाली के एक पुराने मुकदमे में गवाह के बिना सूचना दिए अदालत से चले जाने पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए गवाह के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया है। इन सभी मामलों की अगली सुनवाई भी अब 11 मई को ही होगी।
Location : Rampur
Published : 29 April 2026, 4:20 AM IST