फतेहपुर में एक बार फिर दिनदहाड़े हुई निर्मम हत्या ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के जाने-माने उद्योगपति और अधिवक्ता जयराज मान सिंह की खेत में गला काटकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

वारदात के बाद मौके पर पुलिस पहुंची
Fatehpur: फतेहपुर जनपद में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब दिन के उजाले में भी कत्ल होने लगे हैं। सदर कोतवाली क्षेत्र के महर्षि विद्या मंदिर के पास उस वक्त सनसनी फैल गई, जब शहर के प्रतिष्ठित उद्योगपति और एडवोकेट जयराज मान सिंह का शव खेत में पड़ा मिला। 68 वर्षीय जयराज मान सिंह की गला काटकर बेरहमी से हत्या की गई थी। शव खून से सना हुआ था और देखने से साफ लग रहा था कि हत्या पूरी प्लानिंग के साथ की गई है।
बैग लेने के बहाने ले गया युवक
परिजनों के अनुसार, जयराज मान सिंह शाम करीब 4:30 बजे बुलेट चौराहे से निकले थे। उसी दौरान एक युवक उनके पास आया और किसी बहाने से उनका बैग लेकर महर्षि विद्या मंदिर की ओर चला गया। करीब एक घंटे बाद भी जब जयराज मान सिंह घर नहीं लौटे तो परिजनों को चिंता हुई। शाम लगभग 5:30 बजे उनके न मिलने की सूचना परिवार तक पहुंची। जब परिजन मौके पर पहुंचे तो खेत में उनका शव पड़ा मिला।
धारदार हथियार से रेता गया गला
स्थानीय लोगों का कहना है कि जयराज मान सिंह की हत्या बेहद निर्ममता से की गई है। उनके गले पर धारदार हथियार से वार किया गया था, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हत्या की खबर फैलते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग दहशत में आ गए।
जमीन विवाद में हत्या की आशंका
सूत्रों की मानें तो जयराज मान सिंह शहर में अरबों रुपये की जमीन से जुड़े मामलों से जुड़े हुए थे। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि यह हत्या किसी बड़े जमीन विवाद का नतीजा हो सकती है। हालांकि पुलिस अभी सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
एसपी मौके पर पहुंचे, जांच शुरू
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और फॉरेंसिक टीम के साथ जांच शुरू कर दी गई। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्ध युवक की तलाश की जा रही है।
एक हफ्ते में पांच हत्याएं, सवालों के घेरे में कानून व्यवस्था
फतेहपुर में बीते एक सप्ताह के भीतर यह पांचवां हत्याकांड है। लगातार हो रही गला काटकर हत्याओं से आम जनता डरी और सहमी हुई है। लोगों के मन में सवाल है कि आखिर अपराधियों में पुलिस का खौफ क्यों नहीं बचा।