अमेठी के मुसाफिरखाना SDM अभिनव कन्नौजिया पर भ्रष्टाचार और अधिवक्ताओं से दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगे हैं। मामला विधानसभा अध्यक्ष तक पहुंच चुका है। डीएम ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है।

SDM को हटाने की मांग
Amethi: अमेठी जिले की मुसाफिरखाना तहसील में तैनात उपजिलाधिकारी (SDM) अभिनव कन्नौजिया पर भ्रष्टाचार और अधिवक्ताओं से दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगने से प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है। यह मामला अब उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष तक पहुंच चुका है, जिससे इसकी संवेदनशीलता और गंभीरता और बढ़ गई है। फिलहाल जिलाधिकारी अमेठी संजय चौहान ने मामले की जांच के लिए पहले ही तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया है।
मुसाफिरखाना बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ल ने इस संबंध में एक प्रार्थना पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि SDM अभिनव कन्नौजिया राजस्व से जुड़े मामलों में नियमों की अनदेखी करते हुए मनमाने आदेश पारित कर रहे हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि जब इन आदेशों पर सवाल उठाए जाते हैं या कानूनी आपत्तियां दर्ज की जाती हैं, तो अधिकारी कथित तौर पर अधिवक्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि तहसील में राजस्व मामलों का निस्तारण पारदर्शी तरीके से नहीं किया जा रहा और कुछ मामलों में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है, जिससे आम जनता और वकीलों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
अमेठी में SDM पर सवाल
बार एसोसिएशन ने आशंका जताई है कि यदि SDM अभिनव कन्नौजिया अपने पद पर बने रहते हैं, तो वे जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। इसी कारण अधिवक्ताओं ने उन्हें तत्काल पद से हटाकर किसी अन्य स्थान पर तैनात करने और पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
वकीलों का कहना है कि यह मामला केवल एक अधिकारी के व्यवहार तक सीमित नहीं है, बल्कि न्यायिक और प्रशासनिक व्यवस्था की विश्वसनीयता से भी जुड़ा हुआ है। यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आम जनता का प्रशासन से भरोसा उठ सकता है।
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इस पूरे प्रकरण को उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने औपचारिक रूप से जिलाधिकारी अमेठी को अग्रसारित कर दिया है। इसके बाद यह मामला तहसील और जिला स्तर से ऊपर उठकर राज्य स्तर पर एक संवेदनशील प्रशासनिक मुद्दा बन गया है। विधानसभा स्तर पर मामला पहुंचने से अब प्रशासन पर निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।
मुसाफिरखाना तहसील के अधिवक्ता पिछले कई दिनों से SDM अभिनव कन्नौजिया को हटाने की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। इस दौरान तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन भी किए जा चुके हैं। वकीलों का कहना है कि जब तक मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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फिलहाल जिला प्रशासन की नजर तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस बीच अमेठी से लेकर लखनऊ तक प्रशासनिक हलकों में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।