
अखिलेश यादव
Lucknow: बिहार विधानसभा चुनाव के ताज़ा रुझानों ने विपक्षी दलों में हलचल पैदा कर दी है। जैसे-जैसे नतीजों की तस्वीर स्पष्ट होती जा रही है, विपक्षी पार्टियां चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठा रही हैं। कांग्रेस से लेकर सपा तक, कई दलों ने चुनावी प्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर बड़े आरोप लगाए हैं।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बिहार के रुझानों को लेकर भाजपा पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि बिहार में जो खेल एसआईआर ने किया है वो पश्चिम बंगाल, तमिलनाडू, यूपी और बाकी जगह पर अब नहीं हो पायेगा क्योंकि इस चुनावी साजिश का भंडाफोड़ हो चुका है। अब आगे हम ये खेल इनको नहीं खेलने देंगे। सीसीटीवी की तरह हमारा ‘पीपीटीवी’, मतलब ‘पीडीए प्रहरी’, चौकन्ना रहकर भाजपाई मंसूबों को नाकाम करेगा। भाजपा दल नहीं छल है।
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पहले भी एसआईआर प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज करा चुके हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण में आधार नंबर की मान्यता को लेकर वे सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे।उन्होंने दावा किया कि आधार को मतदाता पहचान के रूप में जोड़ने से मतदाता पहचान में भेदभाव और कटौती की आशंका बढ़ती है। उन्होंने कहा कि 2003 की मतदाता सूची कई जगह स्पष्ट नहीं है। हम पीडीए का वोट नहीं कटने देंगे। भाजपा चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर रही है, जिसे अब जनता समझ चुकी है।
बिहार में जो खेल SIR ने किया है वो प. बंगाल, तमिलनाडू, यूपी और बाक़ी जगह पर अब नहीं हो पायेगा क्योंकि इस चुनावी साज़िश का अब भंडाफोड़ हो चुका है। अब आगे हम ये खेल, इनको नहीं खेलने देंगे।CCTV की तरह हमारा ‘PPTV’ मतलब ‘पीडीए प्रहरी’ चौकन्ना रहकर भाजपाई मंसूबों को नाकाम करेगा।…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) November 14, 2025
हाल ही में राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम पर अखिलेश यादव के पुराने बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इस पर उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि संविधान निर्माताओं ने राष्ट्रीय गीत को वैकल्पिक रखा है, राष्ट्रगान की तरह अनिवार्य नहीं बनाया।
अखिलेश यादव ने ‘पीपीटीवी’ (PPTV) नामक एक नए चुनावी निगरानी मॉडल की घोषणा की है, जिसका पूरा नाम है- ‘पीडीए प्रहरी टीवी’। उनके अनुसार, यह मॉडल बूथों पर तैनात ‘पीडीए प्रहरी’ यानी पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करेगा, ताकि वे चुनाव के दौरान किसी भी संदिग्ध गतिविधि की निगरानी कर सकें।
Location : Lucknow
Published : 14 November 2025, 2:13 PM IST