
प्रसूता की मौत पर गरमाई सियासत
Gorakhpur : चौरी चौरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में प्रसव के बाद एक महिला की मौत का मामला अब राजनीतिक रंग पकड़ता जा रहा है। घटना को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सरकार और स्वास्थ्य विभाग को कटघरे में खड़ा किया है। अखिलेश यादव ने महिला की मौत की जिम्मेदारी तय कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनके बयान के बाद यह मामला प्रदेश की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है।
गोरखपुर के चौरी चौरा CHC में प्रसव के बाद 28 वर्षीय नीलम निषाद की मौत ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद समय पर इलाज और डॉक्टर नहीं मिलने से महिला की जान गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में छह घंटे तक हंगामा चला।… pic.twitter.com/4IHEJurWAV
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) June 7, 2026
अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि "चौरी चौरा, गोरखपुर के अस्पताल में एक गर्भवती महिला की मृत्यु की जिम्मेदारी तय की जाए और उचित कार्रवाई हो। यदि प्रदेश में कोई सार्थक और सक्रिय स्वास्थ्य मंत्री हैं तो वो पॉडकास्ट छोड़कर अपने विभाग पर ध्यान दें।"
इस पोस्ट के जरिए सपा प्रमुख ने सीधे तौर पर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार देवरिया जिले की रहने वाली 28 वर्षीय नीलम निषाद को प्रसव के लिए चौरी चौरा स्थित CHC में भर्ती कराया गया था। शनिवार रात ऑपरेशन के जरिए उसने एक बेटे को जन्म दिया, लेकिन कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। महिला की मौत के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया और परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।
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मृतका के पति देव निषाद का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद अस्पताल में कोई जिम्मेदार डॉक्टर मौजूद नहीं था और समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण नीलम की जान चली गई। घटना से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने रविवार सुबह शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब छह घंटे तक चले हंगामे के दौरान स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई।
स्थिति बिगड़ती देख चौरी चौरा विधायक ई. सरवन निषाद अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिजनों को निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हुए।
हंगामे के बाद पुलिस ने ड्यूटी पर तैनात नर्स को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं CHC अधीक्षक डॉ. सर्वजीत प्रसाद का कहना है कि ऑपरेशन सफल रहा था और महिला की मौत हार्ट अटैक से हुई। उन्होंने इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही से इनकार किया है।
वन भारत सिटीजन पार्टी (ओबीसी पार्टी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष काली शंकर यदुवंशी ने भी घटना को स्वास्थ्य व्यवस्था की विफलता बताते हुए सरकार पर हमला बोला। उन्होंने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा, नवजात के पालन-पोषण और शिक्षा की जिम्मेदारी सरकार द्वारा उठाने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
Location : Gorakhpur
Published : 7 June 2026, 11:47 PM IST