लखनऊ में जनेश्वर मिश्र की पुण्यतिथि पर प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने समाजवादी आंदोलन, शंकराचार्य विवाद और युवराज मेहता व नोएडा टेक इंजीनियर की मौत को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट

सपा प्रमुख अखिलेश यादव का बड़ा बयान
Lucknow: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राजधानी लखनऊ में एक के बाद एक कई मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरते हुए तीखे बयान दिए। छोटे लोहिया जनेश्वर मिश्र की पुण्यतिथि पर जनेश्वर मिश्र पार्क में उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने के बाद अखिलेश यादव ने समाजवादी आंदोलन, शंकराचार्य विवाद और युवराज मेहता और नोएडा टेक इंजीनियर की मौत को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
अखिलेश यादव ने कहा कि जब देश में पूंजीवाद हावी होता है, तब समाजवादियों की चिंता और बढ़ जाती है। उन्होंने कहा, “हमारी जिम्मेदारी है कि समाजवादी आंदोलन, जनेश्वर जी, बाबा साहब अंबेडकर, लोहिया जी और नेताजी के आदर्शों को आगे कैसे बढ़ाया जाए।” उन्होंने साफ कहा कि समाजवादी पार्टी इन मूल्यों से कभी समझौता नहीं करेगी और इन्हीं सिद्धांतों के साथ आगे बढ़ेगी।
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अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य और उनके शिष्यों के साथ कथित पुलिसिया ज्यादती को लेकर अखिलेश यादव ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा, “पूजनीय शंकराचार्य हमारे विश्वगुरु से भी ऊपर हैं। ये अधिकारी कौन होते हैं उनसे सवाल करने वाले?” सपा प्रमुख ने दो टूक कहा कि शंकराचार्य और किसी भी साधु-संत का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। “अगर कोई भी सरकार ऐसा करती है तो समाजवादी पार्टी उसके खिलाफ खड़ी होगी,”
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, “सच तो यह है कि भारतीय जनता पार्टी प्रदूषित गोमती नदी से भी ज्यादा गंदी हो गई है।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अधर्म के रास्ते पर चल रही है और जब तक यह सरकार रहेगी, आम लोगों की सुरक्षा और सम्मान खतरे में रहेगा।
युवराज मेहता की मौत और नोएडा में टेक इंजीनियर की मौत को लेकर अखिलेश यादव ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “सवाल यह नहीं है कि वह किस पार्टी से थे या घटना कहां हुई। सवाल यह है कि घटना के बाद सरकार और उसके विभाग उनकी जान क्यों नहीं बचा पाए?” अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि मौके पर अधिकारी मौजूद होने के बावजूद ठंडे पानी और लापरवाही के कारण कोई आगे नहीं बढ़ा, जिससे जान चली गई। उन्होंने साफ कहा कि ऐसी मौतें सीधे तौर पर सरकार की लापरवाही का नतीजा हैं।
अंत में सपा प्रमुख ने कहा कि शंकराचार्य का सम्मान, साधु-संतों की गरिमा और आम जनता की जान की सुरक्षा तभी सुनिश्चित होगी जब भाजपा सत्ता से जाएगी। समाजवादी पार्टी समाजवादी आंदोलन को मजबूत करने और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिए पूरी ताकत से मैदान में रहेगी।