वायुसेना प्रमुख बनने जा रहे आशुतोष दीक्षित का लखनऊ से है गहरा रिश्ता, ऑपरेशन सिंदूर में निभाई थी खास भूमिका

ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाने वाले एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को भारतीय वायुसेना की कमान सौंपने का फैसला हुआ है। रक्षा मंत्रालय की घोषणा के बाद लखनऊ से उनका पुराना रिश्ता भी चर्चा में आ गया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 7 October 2026, 11:41 AM IST

Lucknow: भारतीय वायुसेना को जल्द ही नया प्रमुख मिलने जा रहा है। रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को अगला एयर चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्त करने की घोषणा की। वह वर्तमान में वायुसेना के वाइस चीफ की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

आशुतोष दीक्षित 31 अक्तूबर से वायुसेना प्रमुख का पद संभालेंगे और वह भारतीय वायुसेना के 29वें एयर चीफ ऑफ स्टाफ होंगे। ऑपरेशन सिंदूर में उनकी भूमिका के बाद उनका नाम पहले से ही चर्चा में रहा है। लेकिन उनके लिए यह जिम्मेदारी सिर्फ सैन्य करियर की बड़ी उपलब्धि नहीं है। उनका लखनऊ से भी गहरा रिश्ता रहा है।

राजधानी में बीता शुरुआती जीवन

एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित की शुरुआती शिक्षा-दीक्षा लखनऊ में हुई। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी यानी एनडीए में चयन से पहले उनके जीवन के कई महत्वपूर्ण साल राजधानी में ही बीते। उनके पिता पीसी दीक्षित डीएवी डिग्री कॉलेज में समाजशास्त्र के अध्यापक रहे। वर्ष 1999 में उनके रिटायर होने के बाद परिवार कुछ समय तक चारबाग की बरहा कॉलोनी में रहा।

ये भी पढ़ें- Agra: झुग्गियों और ढाबे में लगी भीषण आग, सिलिंडर फटने से मची अफरा-तफरी

इसके बाद परिवार साउथ सिटी चला गया, जहां उनके छोटे भाई अमिताभ दीक्षित के आवास पर वे रहने लगे। अमिताभ एलआईसी में कार्यरत हैं। दो साल पहले उनके पिता का निधन हो गया था। इस तरह देश की सैन्य व्यवस्था में इतनी बड़ी जिम्मेदारी संभालने जा रहे आशुतोष दीक्षित की कहानी में लखनऊ का एक खास अध्याय भी जुड़ा हुआ है।

चार दशक का शानदार सैन्य सफर

एयर मार्शल दीक्षित का वायुसेना में करियर करीब चार दशक का रहा है। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया और अलग-अलग मोर्चों पर जिम्मेदारियां संभालीं। उन्होंने पश्चिमी सेक्टर में फ्रंटलाइन फाइटर एयर बेस और दक्षिणी सेक्टर में फाइटर ट्रेनिंग बेस की कमान संभाली। इसके अलावा वह डिप्टी चीफ ऑफ द एयर स्टाफ और सेंट्रल एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ जैसे अहम पदों पर भी रह चुके हैं।

उनके लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें रणनीतिक मामलों की अच्छी समझ रखने वाला अधिकारी माना जाता है।

3500 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव

आशुतोष दीक्षित सिर्फ प्रशासनिक और रणनीतिक जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं रहे। उन्हें अलग-अलग श्रेणी के 20 से अधिक विमानों को उड़ाने का अनुभव है। उन्होंने मिराज-2000, मिग, जगुआर, तेजस, हॉक, आईएल-78, एएन-32, किरण, एचपीटी-32 और एवरो जैसे विमानों पर उड़ान भरी है। उनके नाम 3500 घंटे से अधिक की उड़ान का अनुभव भी दर्ज है।

ये भी पढ़ें- उत्तर प्रदेश में बाढ़ का भीषण प्रकोप: 7 जिले जलमग्न, लखनऊ के इटौंजा में बहे 6 दोस्त, एक की मौत

कई बड़े सम्मान से नवाजे जा चुके हैं

एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को उनकी सेवाओं के लिए कई प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान मिल चुके हैं। इनमें वायुसेना मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल और परम विशिष्ट सेवा मेडल शामिल हैं।अब 31 अक्तूबर से उनके सामने भारतीय वायुसेना की कमान संभालने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। उनके लंबे अनुभव, ऑपरेशनल समझ और अलग-अलग महत्वपूर्ण पदों पर काम करने के अनुभव पर देश की नजर रहेगी।

Location :  Lucknow

Published :  7 October 2026, 11:40 AM IST