
गांव में पानी की समस्या से बढ़ी परेशानी (Img: Google)
Agra: आगरा के फतेहपुर सीकरी क्षेत्र के गांव सामरा में गुरुवार को उस समय माहौल गरमा गया, जब पेयजल संकट से परेशान महिलाओं का सब्र टूट गया। तीन साल से अधूरी पड़ी पानी की टंकी के विरोध में महिलाओं ने टंकी पर चढ़कर मटके फोड़ दिए और जमकर प्रदर्शन किया। गांव में पानी की भारी किल्लत को लेकर लोगों में प्रशासन और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ गहरा आक्रोश देखने को मिला।
ग्रामीणों का आरोप है कि जल जीवन मिशन के तहत बनाई जा रही पानी की टंकी का काम पिछले तीन वर्षों से अधूरा पड़ा है। टंकी का ढांचा तो तैयार कर दिया गया, लेकिन पाइपलाइन और पानी सप्लाई का काम आज तक पूरा नहीं हो सका। इसका खामियाजा आसपास के करीब 50 गांवों के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने बताया कि उन्हें रोजाना पीने के पानी के लिए 2 से 3 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी में पानी लाना अब ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बन चुका है। महिलाओं का कहना है कि कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला। गांव में पानी की समस्या इतनी गंभीर हो चुकी है कि लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित होने लगा है।
इसी नाराजगी के चलते महिलाओं ने अधूरी टंकी पर चढ़कर मटके फोड़ते हुए विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मुकेश डागुर गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। मुकेश डागुर ने कहा कि राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण जनता को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही टंकी चालू नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की योजनाएं कागजों तक सीमित होकर रह गई हैं। पानी जैसी मूलभूत जरूरत के लिए लोगों को संघर्ष करना पड़ रहा है, जबकि करोड़ों रुपये खर्च होने के दावे किए जा रहे हैं।
पानी के मुद्दे के बाद ग्रामीणों और किसानों का गुस्सा सामरा साधन सहकारी समिति स्थित गेहूं खरीद केंद्र पर भी फूट पड़ा। किसानों ने खरीद केंद्र प्रभारियों पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए। किसानों का कहना है कि प्रति क्विंटल गेहूं खरीद पर उनसे 30 रुपये नकद मांगे जा रहे हैं। इसके अलावा छनाई के नाम पर एक किलो अतिरिक्त गेहूं भी जबरन लिया जा रहा है।
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किसानों ने इसे खुली लूट बताते हुए प्रशासनिक संरक्षण में चल रही अवैध वसूली करार दिया। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान मौजूद रहे। लोगों ने साफ कहा कि अगर पानी की समस्या का समाधान और गेहूं खरीद केंद्र पर हो रही कथित वसूली बंद नहीं हुई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
Location : Agra
Published : 15 May 2026, 10:47 AM IST