महराजगंज में एडीएम (वित्त एवं राजस्व) डॉ. प्रशांत कुमार की अध्यक्षता में राजस्व वसूली की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों को लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए और अनुपस्थित रहने पर औषधि निरीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा गया।

महराजगंज में एडीएम ने की बैठक
Maharajganj: महराजगंज में राजस्व वसूली को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। कर और करेत्तर वसूली की समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. प्रशांत कुमार ने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी विभाग की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं बैठक से अनुपस्थित रहने पर औषधि निरीक्षक के खिलाफ स्पष्टीकरण जारी करने का आदेश भी दिया गया, जिससे अधिकारियों में हलचल मच गई।
महराजगंज में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. प्रशांत कुमार ने की। बैठक में कर, करेत्तर और विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही राजस्व वसूली की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया। अधिकारियों से उनके विभागों की स्थिति और लक्ष्य के मुकाबले वसूली की जानकारी ली गई। एडीएम ने कहा कि सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों के लिए राजस्व वसूली बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए सभी अधिकारी अपने-अपने विभागों में निर्धारित लक्ष्य को हर हाल में पूरा करें।
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समीक्षा बैठक के दौरान औषधि निरीक्षक के अनुपस्थित रहने पर एडीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारी के खिलाफ स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए और कहा कि अगली बैठक में वे अपनी कार्यवृत्ति के साथ अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें।
बैठक में आबकारी, बाट-माप, मंडी समिति, जिला पूर्ति विभाग, गन्ना भुगतान, स्टाम्प, व्यापार कर, खनन तथा नगर पालिका और नगर पंचायतों द्वारा की जा रही राजस्व वसूली की समीक्षा की गई। एडीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित की जाए और लंबित मामलों का जल्द निस्तारण किया जाए।
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अपर जिलाधिकारी ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगली बैठक में 25-25 बकायेदारों की सूची के साथ उपस्थित हों। जिन बकायेदारों के खिलाफ आरसी जारी हो चुकी है, लेकिन उनका विवरण पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया है, उसे तुरंत पोर्टल पर अपलोड कराया जाए ताकि वसूली की प्रक्रिया तेज की जा सके।
एडीएम ने सहायक महानिरीक्षक स्टाम्प को निर्देश दिए कि सभी उपनिबंधकों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाए कि स्टाम्प चोरी और फर्जी रजिस्ट्री जैसी घटनाएं न हों। यदि किसी क्रेता या विक्रेता के संबंध में संदेह हो तो पहले जांच की जाए और उसके बाद ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी की जाए। बैठक में सहायक महानिरीक्षक स्टाम्प आलोक शुक्ला, जिला आबकारी अधिकारी अतुल द्विवेदी, डिप्टी आरएमओ विवेक सिंह, एआरटीओ मनोज सिंह, प्रभारी मंडी सचिव दीपक कुमार गुप्ता सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।