
आकृति चौधरी (File Photo)
नई दिल्ली: छात्रा और एक्टिविस्ट आकृति चौधरी की NSA हिरासत रद्द करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को उत्तर प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने जा रही है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत की पीठ को बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ राज्य सरकार अपील दाखिल करेगी।
दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आकृति चौधरी पर लगाई गई राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत को रद्द कर दिया था। कोर्ट ने राज्य सरकार को उन्हें 5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया था।
हाईकोर्ट ने कहा था कि यह मुआवजा उन अधिकारियों की सैलरी से वसूला जाए, जो उनकी हिरासत के लिए जिम्मेदार थे। इसमें गौतमबुद्ध नगर की डीएम मेधा रूपम समेत अन्य अधिकारियों के नाम शामिल थे।
आकृति चौधरी पर नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन में कथित भूमिका को लेकर NSA के तहत कार्रवाई की गई थी। हाईकोर्ट ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा था कि हिरासत के आधार केवल अनुमान पर आधारित थे और पर्याप्त सामग्री उपलब्ध नहीं थी।
अदालत ने प्रशासन की कार्रवाई को "उपहास के योग्य" बताते हुए संबंधित अधिकारियों के सर्विस रिकॉर्ड में अपनी नाराजगी दर्ज करने का निर्देश दिया था।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करने का फैसला किया है। राज्य सरकार हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देगी, जिसमें NSA हिरासत रद्द करने के साथ मुआवजे का निर्देश दिया गया था।
आकृति चौधरी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के दौलतराम कॉलेज से इतिहास में ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद वह दिल्ली यूनिवर्सिटी से ही कानून की पढ़ाई कर रही हैं।
वह मूल रूप से पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर की रहने वाली हैं और कॉलेज के समय से ही छात्र राजनीति और एक्टिविज्म से जुड़ी रही हैं।
कुछ महीने पहले नोएडा में अपनी मांगों को लेकर 40 हजार से ज्यादा मजदूरों का प्रदर्शन हुआ था। इस प्रदर्शन में आकृति चौधरी का नाम सामने आया था। इसी मामले में उन पर NSA के तहत कार्रवाई की गई थी, जिसे बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया।
Location : New Delhi
Published : 9 September 2026, 3:22 PM IST
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