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गोरखपुर थाली विवाद में आया नया मोड़
Gorakhpur News: गोरखपुर में कुछ दिन पहले एक रेस्टोरेंट में खाने की थाली से "हड्डी का टुकड़ा" निकलने का मामला राष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में रहा था। इस मामले ने न सिर्फ सोशल मीडिया पर बवाल मचाया, बल्कि धर्म और समुदाय से जोड़कर भी चर्चाएं होने लगीं। लेकिन अब इस प्रकरण में एक सनसनीखेज मोड़ आया है। शुक्रवार को गोरखपुर प्रेस क्लब में पीड़ित शशांक कुमार सिंह और उनके साथियों ने प्रेस वार्ता कर अपना पक्ष मीडिया के सामने रखा। शशांक का कहना है कि वायरल वीडियो आधा सच है, जिसे तोड़-मरोड़कर पेश किया गया।
क्या कहा शशांक कुमार सिंह ने?
शशांक ने बताया कि जिस वीडियो को वायरल किया गया, उसमें पूरा सच नहीं दिखाया गया। उनके मुताबिक “हम किसी गलत मंशा से रेस्टोरेंट नहीं गए थे। जब खाने की थाली में हड्डी का टुकड़ा निकला तो हमने केवल यह जानना चाहा कि मालिक से बात कैसे हो सकती है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दो प्लेटों में हड्डी के टुकड़े निकले थे- एक उनकी और एक उनके दोस्त की। “वीडियो में सीसीटीवी फुटेज के जरिए दिखाया गया कि मैंने खुद अपनी प्लेट में कुछ डाला। जबकि हकीकत यह है कि मैंने अपने दोस्त से हरा मिर्च मांगी थी और वही उसने मेरी प्लेट में रखी थी, न कि कोई हड्डी।”
धर्म से जोड़ना दुर्भाग्यपूर्ण: शशांक
शशांक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा कि वह हैरान हैं कि इस घटना को कैसे धर्म से जोड़ दिया गया। उन्होंने कहा, “हमने न तो किसी धर्म के खिलाफ कुछ कहा और न ही किसी प्रकार का विवाद खड़ा किया। लेकिन सोशल मीडिया पर हमारे खिलाफ नफरत फैलाई जा रही है। लोग हमें पहचानकर ताने मारते हैं।”
पुलिस जांच में मिले क्लीन चिट
इस मामले में गोरखपुर पुलिस भी सक्रिय रही। पुलिस अधीक्षक नगर की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराई गई। जांच में शशांक कुमार सिंह और उनके सभी साथियों को दोषमुक्त पाया गया। शशांक ने बताया कि जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची थी, तब वे अपनी बात ठीक से रख भी नहीं पाए थे। उसी समय से उन्हें बिना वजह बदनाम किया जा रहा है।
मामले ने कैसे पकड़ा तूल?
कुछ दिन पहले वायरल वीडियो में दावा किया गया था कि शख्स ने जानबूझकर थाली में मांस या हड्डी रखी और रेस्टोरेंट मालिक से झगड़ा किया। उस वीडियो को कई लोगों ने धार्मिक एंगल देकर शेयर किया। इसके बाद मामला तूल पकड़ गया और पीड़ित पक्ष पर झूठे आरोप लगने लगे।
अब क्यों रखनी पड़ी प्रेस वार्ता?
शशांक का कहना है कि उन्हें सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा किया गया। सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों द्वारा नफरत और ट्रोलिंग झेलने के बाद अब उन्हें मीडिया के सामने आकर अपनी बात रखने की मजबूरी हुई।
Location : Gorakhpur
Published : 8 August 2025, 8:02 PM IST