
प्रधानमंत्री आवास योजना (Google, Img)
Maharajganj: जनपद में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत अपात्र व्यक्तियों को लाभ देने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। शिकायत के आधार पर शुरू हुई जांच में न केवल अनियमितताएं सामने आईं, बल्कि जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो गए। जिसके बाद प्रशासन को दोबारा जांच के आदेश देने पड़े।
इस पूरे मामले की शुरुआत मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह के पत्र संख्या 637 दिनांक 26 अगस्त 2025 के क्रम में हुई। इससे पहले 21 जनवरी 2025 को जारी पत्र के माध्यम से शिकायतकर्ता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कराई गई थी। शिकायत में आरोप था कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत अपात्र लोगों को भी लाभ दिलाया गया।
प्रारंभिक जांच सहायक अभियंता (लघु सिंचाई) और सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता द्वारा 14 मई 2025 को की गई। इसके बाद खंड विकास अधिकारी मिठौरा ने 25 अगस्त 2025 को अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस रिपोर्ट में कुल 8 लाभार्थियों को अपात्र पाया गया, जिससे योजना की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे।
महराजगंज में LPG गैस की किल्लत के बीच, DM संतोष कुमार शर्मा ने जनता से की अपील
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने 16 सितंबर 2025 को ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया, जबकि 15 सितंबर 2025 को तत्कालीन सचिव को भी नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया। इसके जवाब में ग्राम प्रधान ने 1 दिसंबर 2025 को और सचिव ने 11 दिसंबर 2025 को अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया।
हालांकि, जब इस पूरे मामले का परीक्षण किया गया तो यह सामने आया कि पहले की जांच एक पक्षीय थी और पूरी तरह निष्पक्ष नहीं मानी जा सकती। इसी आधार पर जिलाधिकारी ने 30 दिसंबर 2025 को पुन जांच के आदेश जारी किए। इस बार परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) और अधिशासी अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को संयुक्त जांच अधिकारी बनाया गया।
संयुक्त जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट 5 फरवरी 2026 को प्रस्तुत कर दी है। इस रिपोर्ट के बाद अब प्रशासनिक कार्रवाई की दिशा में तेजी आने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
Location : Maharajganj
Published : 26 March 2026, 9:28 PM IST
Topics : Maharajganj News PM Housing Scheme PMAY UP News