4 साल पहले लिस्ट जारी, फिर भी नौकरी नहीं! 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी फिर सड़कों पर, दी भूख हड़ताल की चेतावनी

लखनऊ में 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण से जुड़े विवाद को लेकर अभ्यर्थियों ने एक बार फिर आंदोलन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 6800 OBC और दलित अभ्यर्थियों की चयन सूची 5 जनवरी 2022 को जारी होने के बावजूद अब तक नियुक्ति नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट में 8 सितंबर को मामले की सुनवाई होनी है। अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात न होने पर सामूहिक भूख हड़ताल की चेतावनी दी है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 29 August 2026, 4:58 PM IST

Lucknow: राजधानी लखनऊ की सड़कों पर एक बार फिर ‘आरक्षण दो, न्याय दो’ के नारे सुनाई दिए। 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण से जुड़े विवाद को लेकर पिछले कई वर्षों से आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक 6800 OBC और दलित अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता साफ नहीं हो जाता।

चार साल पहले जारी हुई थी सूची

प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों का कहना है कि 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इसी विवाद के बीच 6800 OBC और दलित अभ्यर्थियों के लिए 5 जनवरी 2022 को चयन सूची जारी की गई थी। अभ्यर्थियों के अनुसार, सूची जारी होने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही नियुक्ति पत्र मिल जाएगा और उनका शिक्षक बनने का सपना पूरा होगा। लेकिन चार साल से ज्यादा समय बीतने के बावजूद नियुक्ति नहीं हो सकी।

‘मुख्यमंत्री से मिलकर रखी थी अपनी बात’

अयोध्या से आंदोलन में शामिल हुईं अर्चना शर्मा ने बताया कि अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी समस्या उनके सामने रखी थी। उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखने के बाद 5 जनवरी 2022 को 6800 अभ्यर्थियों की सूची जारी की गई थी। सूची जारी होने के बाद उन्हें लगा था कि अब नियुक्ति का रास्ता साफ हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अर्चना शर्मा ने कहा कि सूची जारी होने के बावजूद आज तक नियुक्ति नहीं मिली है। उनका कहना है कि इतने लंबे इंतजार ने अभ्यर्थियों के भविष्य को अनिश्चितता में डाल दिया है।

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‘सुप्रीम कोर्ट में हमारी सूची पर पैरवी नहीं हो रही’

आंदोलन में शामिल अभ्यर्थी आशुतोष पटेल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान उनकी उस सूची को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से प्रभावी पैरवी नहीं की जा रही है, जो चार साल पहले जारी की गई थी। उनका कहना है कि अगर सूची जारी हो चुकी है तो उसके आधार पर नियुक्ति के लिए सरकार को अदालत के सामने अभ्यर्थियों का पक्ष मजबूती से रखना चाहिए। आशुतोष पटेल ने कहा कि इस स्थिति के कारण हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य खतरे में है और वे लगातार सरकार से न्याय की मांग कर रहे हैं।

8 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

69000 शिक्षक भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 8 सितंबर को प्रस्तावित है। इसी सुनवाई से पहले अभ्यर्थियों ने अपना आंदोलन फिर तेज कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अदालत में होने वाली सुनवाई उनके भविष्य के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में वे चाहते हैं कि सरकार की ओर से 6800 अभ्यर्थियों की सूची और उनकी नियुक्ति से जुड़े पक्ष को मजबूती से रखा जाए। अभ्यर्थियों का आरोप है कि अगर उनकी मांग और सूची से जुड़े तथ्यों को प्रभावी तरीके से अदालत के सामने नहीं रखा गया तो इसका सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ सकता है।

‘अब आंदोलन अनवरत चलेगा’

आंदोलन में शामिल यशवंत ने कहा कि आज से शुरू हुआ यह आंदोलन अब अनवरत चलेगा। उन्होंने साफ कहा कि अभ्यर्थी अपनी मांग को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं कराई गई तो आंदोलनकारी सामूहिक भूख हड़ताल पर बैठेंगे। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने पिछले कई वर्षों में अलग-अलग स्तर पर अपनी बात सरकार और अधिकारियों तक पहुंचाने की कोशिश की है, लेकिन समाधान नहीं निकल पाया।

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प्रदर्शन में कई अभ्यर्थी रहे मौजूद

लखनऊ में हुए प्रदर्शन में अलग-अलग जगहों से आए अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान आरक्षण और नियुक्ति को लेकर नारे लगाए गए। आंदोलन में गंगा शरण, नजमा, अमर मौर्य, चंदन, संजय और संगम निषाद समेत कई अभ्यर्थी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं बल्कि नियुक्ति और न्याय की मांग को लेकर है।

नियुक्ति के इंतजार में बीत रहे साल

69000 शिक्षक भर्ती से जुड़ा विवाद लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति और शिक्षा व्यवस्था में चर्चा का विषय रहा है। अभ्यर्थी लगातार चयन प्रक्रिया, आरक्षण और नियुक्ति को लेकर अपनी मांग उठाते रहे हैं। अब 8 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तावित सुनवाई से पहले एक बार फिर आंदोलन शुरू होने से मामला गरमा गया है। अभ्यर्थियों की मांग है कि सरकार उनके पक्ष को अदालत में मजबूती से रखे और 6800 OBC व दलित अभ्यर्थियों की नियुक्ति को लेकर रास्ता साफ किया जाए।

Location :  Lucknow

Published :  29 August 2026, 4:58 PM IST