
राम मंदिर ट्रस्ट (Image: Pinterest)
Ayodhya News: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को लेकर अयोध्या से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। राम मंदिर ट्रस्ट में नई जिम्मेदारियों का दौर शुरू हो गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तीनों नवनियुक्त न्यासियों ने बृहस्पतिवार को विधिवत अपना कार्यभार संभाल लिया। इस दौरान उन्हें नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए। नए कोषाध्यक्ष महेश भागचंदका ने जिम्मेदारी संभालते ही ट्रस्ट से जुड़े बकाया भुगतानों का निस्तारण कराया।
ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि ने दिनभर चली बैठकों के बाद शाम को मीडिया से बातचीत की। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट की अगली बैठक दो दिसंबर को होगी। इस बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के नए प्रवक्ता के चयन को लेकर भी फैसला हो सकता है। इसके अलावा मंदिर की व्यवस्थाओं और आने वाले समय की योजनाओं पर भी चर्चा होगी।
गोविंद देव गिरि ने बताया कि राम मंदिर के अर्चकों के लिए लागू किए गए नए ड्रेस कोड के तहत तैयार पोशाक उन्हें उपलब्ध करा दी गई है। मंदिर की धार्मिक व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने के साथ-साथ उत्सव और परंपराओं को भी नए तरीके से आगे बढ़ाने की तैयारी चल रही है।
राम मंदिर में कृष्ण जन्माष्टमी के अगले दिन से शृंगार आरती में पद गायन की परंपरा शुरू करने की तैयारी है। ट्रस्ट मंदिर की उत्सव परंपराओं को और बढ़ावा देना चाहता है। इसके लिए धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े कई पहलुओं पर मंथन किया जा रहा है।
राम मंदिर के नवनियुक्त सीईओ के कार्यभार को लेकर भी गोविंद देव गिरि ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सीईओ फिलहाल मंदिर की व्यवस्थाओं को देख और समझ रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही वह औपचारिक रूप से अपना पदभार ग्रहण कर लेंगे। इसके बाद मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े कामकाज को नए स्तर पर व्यवस्थित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
गोविंद देव गिरि ने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की डीड में कुछ संशोधन किए जाने हैं। हालांकि उन्होंने साफ किया कि यह कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। कुछ ऐसी बातों को हटाने पर विचार किया जा रहा है, जिनकी अब जरूरत नहीं है। इस विषय में ट्रस्ट के वरिष्ठ संरक्षक केशव पराशरण से बातचीत भी हो चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट के संविधान की मूल नीति और स्वरूप में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही राम मंदिर में परिक्रमा और प्रसाद समिति के गठन की भी योजना है। इन समितियों की जिम्मेदारियों और गठन को लेकर अंतिम फैसला आगामी बैठक में लिया जा सकता है।
पूर्व महासचिव चंपत राय की ट्रस्ट में वापसी को लेकर पूछे गए सवाल पर गोविंद देव गिरि ने दो टूक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई निर्णय नहीं हो रहा है। उनका कहना था कि अगर चंपत राय को वापस लाना होता तो तीन नए न्यासियों की नियुक्ति करने के बजाय दो न्यासियों की नियुक्ति कर एक स्थान पर चंपत राय को नियुक्त किया जा सकता था। इस बयान से साफ है कि फिलहाल ट्रस्ट का फोकस नई जिम्मेदारियों और मंदिर की व्यवस्थाओं को और मजबूत करने पर है। आने वाली बैठक में प्रवक्ता के चयन, समितियों के गठन और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं।
Location : Ayodhya
Published : 4 September 2026, 4:43 PM IST