सुनील गावस्‍कर ने 11 साल तक जो ब्रांडिंग की वह अक्षय खन्‍ना और जैकी श्रॉफ नहीं कर पाए

11 साल तक चले ऐतिहासिक रिश्ते और क्रिकेट के दिग्गज के उस जादुई दौर की कहानी, जिसे फिल्मी सितारे भी नहीं दोहरा पाए। जानिए कैसे एक पुरानी कपड़ा कंपनी ने बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच खुद को संभाला।

Updated : 5 October 2026, 9:41 AM IST
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New Delhi: बाजार में कई ऐसे नाम आते और जाते हैं, लेकिन कुछ ब्रांड्स की यादें लोगों के दिलों में हमेशा के लिए बस जाती हैं। आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसे ही पुराने और ऐतिहासिक ब्रांड की, जिसकी शुरुआत 1 जुलाई 1935 को बड़ौदा (अब वडोदरा) में हुई थी। शुरुआत में इसे 'महारानी वुलेन मिल्स' के नाम से जाना जाता था और यहां मुख्य रूप से ऊनी कपड़ों का उत्पादन होता था। धीरे-धीरे वडोदरा में इसका विशाल कारखाना स्थापित हुआ, जिसे पटेल परिवार द्वारा संचालित किया जाता रहा है। यह कपड़ा कंपनी अपनी बेहतरीन कोट-पैंट (सूटिंग्स) और कारखानों में काम आने वाले विशेष तकनीकी कपड़ों (जैसे कागज बनाने वाली फैक्ट्रियों में इस्तेमाल होने वाले मशीन फेल्ट्स) के लिए जानी जाती है।

दूरदर्शन के दौर में सुनील गावस्कर का जलवा और वह जादुई टैगलाइन

अस्सी के दशक का वह दौर जब टेलीविजन की दुनिया में सिर्फ दूरदर्शन का ही एकछत्र राज हुआ करता था, इस कपड़ा कंपनी ने एक ऐसा मास्टरस्ट्रोक खेला जिसने इसे बुलंदियों पर पहुंचा दिया। कंपनी ने मशहूर क्रिकेटर सुनील गावस्कर को अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया। गावस्कर और इस ब्रांड का यह रिश्ता पूरे 11 साल से अधिक समय तक चला, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है। दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले उनके विज्ञापन आज भी लोगों की पुरानी यादों में ताजा हैं।

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इस दौरान कंपनी की टैगलाइन 'टेक द वर्ल्‍ड इन योर स्‍ट्राइड... दिनेश' हर आम और खास की जुबान पर चढ़ गई। क्रिकेट के मैदान पर अपनी तकनीकी महारथ के लिए मशहूर गावस्कर का एक विज्ञापन बेहद लोकप्रिय हुआ था, जिसमें वह बेसबॉल खेलते हुए अनजाने में किसी व्यक्ति की आइसक्रीम गिरा देते हैं और फिर उस नाराज व्यक्ति को तुरंत अपना ऑटोग्राफ देकर उसका दिल जीत लेते हैं।

बदलते वक्त के साथ चुनौतियां और फिल्मी सितारों की एंट्री

जैसे-जैसे समय बीता, बाजार में रेमंड और विमल जैसे अन्य बड़े और ताकतवर ब्रांड्स ने अपनी पैठ मजबूत करनी शुरू कर दी। इस नई प्रतिस्पर्धा के आगे यह पुरानी कपड़ा कंपनी धीरे-धीरे पिछड़ने लगी। स्थिति को संभालते हुए कंपनी ने सीधे बाजार में उत्पाद बेचने के बजाय बड़े पैमाने पर थोक सप्लाई पर ज्यादा जोर देना शुरू किया।

जब सुनील गावस्कर का असर और खेल का दौर बदला, तो कंपनी ने अपनी पुरानी चमक वापस पाने के लिए फिल्मी दुनिया का रुख किया। इसके लिए जैकी श्रॉफ और बाद में अक्षय खन्ना जैसे जाने-माने अभिनेताओं को भी ब्रांड के प्रचार की कमान सौंपी गई। हालांकि, वे दोनों ही दिग्गजों की तरह वह जादू नहीं बिखेर पाए और ब्रांड को उसकी पुरानी शान दोबारा नहीं दिला सके।

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आधुनिक दौर में वापसी की राह और नए व्यावसायिक फैसले

मुश्किल दौर से गुजरने के बाद भी इस कंपनी ने खुद को संभाला और औद्योगिक कपड़ों के बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी। हाल के दिनों में अपने कारोबार को पटरी पर लाने के लिए प्रबंधन ने कई बड़े और रणनीतिक फैसले लिए।

वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान कंपनी ने संतोषजनक कमाई और मुनाफा दर्ज किया। इसके अलावा, अपने घाटे या कम मुनाफे वाले कारोबार को समेटते हुए सितंबर 2025 में अपनी एक सहयोगी कंपनी (दिनेश रेमेडीज) में अपनी हिस्सेदारी बेच दी। आज यह ऐतिहासिक कपड़ा कंपनी अपने मजबूत अतीत, पुराने नाम और औद्योगिक क्षेत्र में अपनी साख के बल पर बाजार में मजबूती से टिकी हुई है।

Location :  New Delhi

Published :  5 October 2026, 9:41 AM IST

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