BJP ने चुनाव से पहले संगठन में किया बड़ा फेरबदल! हरीश द्विवेदी से स्मृति ईरानी तक, किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी?

BJP की नई राष्ट्रीय टीम को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल दावा भ्रामक बताया जा रहा है। हरीश द्विवेदी को युवा मोर्चा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। डॉ. सतीश पूनिया को भी ST मोर्चे की जिम्मेदारी नहीं मिली। जानिए BJP ने राष्ट्रीय युवा मोर्चा, ST, महिला, OBC, SC, किसान और अल्पसंख्यक मोर्चों की कमान किसे सौंपी है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 10 September 2026, 12:45 PM IST

New Delhi: भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को चुनावी मोड में लाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने अब अलग-अलग मोर्चों के प्रभारियों, सह-प्रभारियों और दूसरे प्रमुख पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों का ऐलान किया है। युवा, महिला, SC, OBC, किसान, ST और अल्पसंख्यक मोर्चों के लिए अलग-अलग नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। नई टीम में जहां कई अनुभवी चेहरों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है, वहीं संगठन में कुछ नए चेहरों को भी जगह दी गई है।

बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से संगठन को मजबूत करने के लिए नई राष्ट्रीय टीम तैयार की जा रही है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी और प्रमुख मोर्चों के राष्ट्रीय अध्यक्षों की घोषणा के बाद अब संगठन के अलग-अलग मोर्चों के प्रभारियों का भी ऐलान किया गया है।

युवा से ST मोर्चे तक किसे मिली जिम्मेदारी?

नई जिम्मेदारियों के मुताबिक हरीश द्विवेदी को युवा मोर्चा का प्रभारी बनाया गया है। वहीं सतीश पूनिया को ST मोर्चे की जिम्मेदारी सौंपी गई है। महिला मोर्चे का प्रभार डी. पुरंदेश्वरी को दिया गया है। इसके अलावा SC मोर्चे के प्रभारी संजय भाटिया और OBC मोर्चे के प्रभारी वैजयंत पांडा होंगे।

किसान मोर्चे की जिम्मेदारी लाल सिंह आर्या को दी गई है। वहीं अल्पसंख्यक मोर्चे का प्रभार गजेंद्र पटेल को सौंपा गया है। यहां यह अंतर समझना जरूरी है कि ये नेता संबंधित मोर्चों के प्रभारी हैं, जबकि मोर्चों के राष्ट्रीय अध्यक्ष अलग नेता हैं। इसलिए प्रभारी और राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद को एक जैसा नहीं माना जाना चाहिए।

पहले ही तय हो चुकी है मोर्चों के राष्ट्रीय अध्यक्षों की कमान

बीजेपी इससे पहले अपने प्रमुख संगठनात्मक मोर्चों के राष्ट्रीय अध्यक्षों के नामों का ऐलान कर चुकी है। भारतीय जनता युवा मोर्चा यानी BJYM की कमान गुजरात से आने वाले लोकसभा सांसद डॉ. हेमांग जोशी को दी गई है। वहीं महिला मोर्चे की राष्ट्रीय अध्यक्ष रूप कुमारी चौधरी बनाई गई हैं। किसान मोर्चे की कमान मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद और किसान मोर्चे से जुड़े रहे बंसीलाल गुर्जर को मिली है। वहीं OBC मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरपाल मौर्य बनाए गए हैं।

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इसके अलावा अनुसूचित जाति मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवेश कुमार राम, ST मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष मन्नालाल रावत और अल्पसंख्यक मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर बासित अली बनाए गए हैं। इस तरह पार्टी की ओर से घोषित व्यवस्था में एक तरफ मोर्चों के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, जबकि दूसरी तरफ संगठनात्मक कामकाज और चुनावी गतिविधियों के लिए प्रभारी नेताओं की जिम्मेदारी तय की गई है।

स्मृति ईरानी की संगठन में वापसी

बीजेपी की नई टीम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की भी संगठन में वापसी हुई है। उन्हें राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं विनोद तावड़े को राष्ट्रीय महासचिव के साथ उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। उत्तर प्रदेश बीजेपी के लिए बेहद महत्वपूर्ण राज्य है और आगामी चुनावों को देखते हुए यहां संगठन की जिम्मेदारी काफी अहम मानी जा रही है। सुनील बंसल को भी राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी में बरकरार रखा गया है। वहीं बी.एल. संतोष राष्ट्रीय महासचिव संगठन के पद पर बने हुए हैं।

केंद्रीय कार्यालय से लेकर नॉर्थ-ईस्ट तक जिम्मेदारियां

संगठन में अन्य प्रमुख जिम्मेदारियां भी तय की गई हैं। तरुण चुघ को बीजेपी के केंद्रीय कार्यालय का प्रभारी बनाया गया है। वहीं संदीप पाठक को राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। संबित पात्रा को नॉर्थ-ईस्ट कोऑर्डिनेशन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी ने राष्ट्रीय संगठन के अलग-अलग हिस्सों के लिए जिम्मेदारियां स्पष्ट करने की कोशिश की है।

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चुनावी रणनीति पर बीजेपी का फोकस

नई संगठनात्मक टीम में चुनावी रणनीति और सोशल मीडिया पर भी खास जोर दिखाई दे रहा है। पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर फोकस कर रही है। आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों को देखते हुए उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात और पंजाब जैसे राज्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारियां तय करने के पीछे चुनावी तैयारियों को तेज करने की रणनीति भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

प्रभारी और अध्यक्ष में क्या है अंतर?

बीजेपी की नई नियुक्तियों को समझने के लिए प्रभारी और राष्ट्रीय अध्यक्ष की भूमिका का अंतर जानना भी जरूरी है। किसी मोर्चे का राष्ट्रीय अध्यक्ष उस मोर्चे के संगठन का प्रमुख होता है, जबकि प्रभारी पार्टी संगठन की ओर से उस मोर्चे के कामकाज और गतिविधियों की निगरानी तथा समन्वय से जुड़ी जिम्मेदारी संभाल सकता है। इसी वजह से हरीश द्विवेदी को युवा मोर्चे का प्रभारी बनाए जाने और डॉ. हेमांग जोशी को युवा मोर्चे का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने में कोई विरोधाभास नहीं है। इसी तरह सतीश पूनिया ST मोर्चे के प्रभारी हैं, जबकि मन्नालाल रावत ST मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।

Location :  New Delhi

Published :  10 September 2026, 12:44 PM IST